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यूपी: प्रदेश के सबसे लंबे रोपवे रूट पर आज लगेगी अंतिम मुहर, पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में प्रस्तावित

Wed, 01 Sep 2021 01:04 AM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: हरि User Updated Wed, 01 Sep 2021 01:04 AM IST
सार

कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद अब उसे धरातल पर उतारने की कवायद शुरू हो गई है। वैपकास कंपनी की ओर से पूरी परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
 

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UP news longest rope way route of the state will be finalized today in PM Modi parliamentary constituency
रोपवे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदलते बनारस को चार चांद लगाने वाली कैंट से गोदौलिया के बीच प्रस्तावित रोपवे परियोजना पर बुधवार को अंतिम मुहर लगेगी। प्रदेश के सबसे लंबे रोपवे रूट के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इसके लिए रोपवे निर्माण की एक्सपर्ट कंपनी वैपकास के अधिकारी मंगलवार को वाराणसी पहुंच गए हैं। अधिकारियों के दल ने प्रस्तावित रोपवे रूट्स का सर्वे कर मौका मुआयना भी किया।

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पूर्वी भारत के गेटवे के रूप में विकसित हो रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विकास में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। प्रदेश सरकार की ओर से कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद अब उसे धरातल पर उतारने की कवायद शुरू की गई है।
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बुधवार को वैपकास कंपनी की ओर से पूरी परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इसमें परियोजना के निर्माण से लेकर उसके संचालन तक की पूरी व्यवस्था का जिक्र होगा। यहां बता दें कि पांच किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर खर्च होने वाले 424 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कैंट और गोदौलिया के बीच साजन तिराहा व रथयात्रा भी इसके स्टेशन होंगे। इस परियोजना से प्रतिदिन 10 से 25 हजार यात्रियों को राहत की उम्मीद है।

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साल के अंत में हो सकता है शिलान्यास

प्रदेश के सबसे लंबे रोपवे परियोजना का शिलान्यास दिसंबर 2021 तक किया जा सकता है। डीपीआर प्रस्तुतीकरण के बाद परियोजना में खर्च होने वाले बजट पर राज्य और केंद्र सरकार में सहमति पत्र तैयार होगा। कंसलटेंट कंपनी के चयन के बाद इस परियोजना को धरातल पर उतारने की कवायद की जाएगी। इस पूरी कवायद में तीन से चार महीने लगने का अनुमान है। 

इस संदर्भ में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि वैपकास की टीम वाराणसी आ गई है और बुधवार की शाम परियोजना पर बैठक होगी। रोपवे निर्माण की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

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