CM योगी के लिए चुनौती, कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे सरकारी विभाग
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प्रदेश सरकार अपनी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना चाहती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके लिए अफसरों को लगातार दिशा निर्देश दे रहे हैं। दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि सरकारी महकमों में करीब एक चौथाई पद खाली हैं।
कुछ विभागों में चार लोगों का काम एक व्यक्ति कर रहा है। दफ्तरों में फाइलों का ढेर लगा हुआ है। पैरवी करने पर ही फाइलें देखी जाती हैं। परिवहन निगम में 900 चालक और 700 परिचालकों की कमी है। संविदाकर्मियों से काम चलाया जा रहा है। यहां वर्षों से कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है।
शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और नगर निगम का हाल काफी खराब है। शहर में स्वच्छता मिशन चलाने वाले नगर निगम में सफाईकर्मियों के 2320 सृजित पद हैं। इनमें से 1114 पद रिक्त हैं। आउटसोर्सिंग से काम चलाया जा रहा है।
बिजली और सिंचाई विभाग का हाल भी खराब है। गर्मियों में सबसे बड़ी समस्या बिजली कटौती है। बिजली विभाग में 2833 पद रिक्त हैं। कर्मचारियों की कमी से लोकल फाल्ट दुरुस्त नहीं हो पाते हैं।
जानें किस विभाग में खाली हैं कितने पद
कलेक्ट्रेट
अधिकारी/कर्मचारी सृजित पद रिक्त पद
एडीएम 5 1
प्रशासनिक अधिकारी 2 1
प्रधान सहायक 15 2
वरिष्ठ सहायक 72 1
कनिष्ठ सहायक 55 17
00
राजस्व विभाग
लेखपाल 393 39
कानूनगो 32 5
अमीन 143 1
00
नजारत
चतुर्थ श्रेणी 137 74
वाहन चालक 19 9
विभाग स्वीकृत पद रिक्त पद
बिजली विभाग 8500 2833
विकास विभाग 3500 1166
पीडब्ल्यूडी 2000 666
सिंचाई विभाग 2500 833
00
नगर निगम
अधिकारी वर्ग में 14 पद में दो रिक्त
समूह ख और ग में 208 में से 97 पद रिक्त
00
स्वास्थ्य विभाग
चिकित्सकों के स्वीकृत पद 271
अस्पतालों में कार्यरत 210
खाली पद 61