वाराणसी में भाजपा ने फिर रचा इतिहास: जनता-जनार्दन को धन्यवाद देने आ सकते हैं पीएम मोदी, मिले संकेत
काशी की जनता-जनार्दन ने क्लीन स्वीप के जरिए अपने सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जीत का तोहफा दिया है। इस तोहफे के लिए धन्यवाद देने पीएम मोदी बनारस आ सकते हैं।
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वाराणसी में भाजपा ने तमाम अटकलों को खारिज करते हुए फिर से इतिहास रचा है। जिले की आठों विधानसभा सीट पर भाजपा व अपना दल (एस) प्रत्याशियों ने विजय का परचम लहराया। काशी की जनता-जनार्दन ने क्लीन स्वीप के जरिए अपने सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जीत का तोहफा दिया है। इस तोहफे के लिए धन्यवाद देने पीएम मोदी बनारस आ सकते हैं।
इस बाबत पार्टी स्तर पर जहां सुगबुगाहट भी शुरू हो चुकी है वहीं जिला प्रशासन भी अब पीएम की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लेकर जमीन पर कार्रवाई भी शुरू करनी है। प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो प्रदेश में सरकार गठन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वाराणसी दौरा प्रस्तावित हो सकता है। इस दौरान जनता से संवाद कर पीएम मोदी काशी में भाजपा के अभूतपूर्व प्रदर्शन पर यहां की जनता-जनार्दन को धन्यवाद दे सकते हैं।
2017 में भी लहराया था भाजपा का परचम
कारण, पिछले विधानसभा चुनाव की तरह ही वाराणसी जिले की आठों सीट पर भाजपा का परचम लहराया है। इस बड़ी जीत के पीछे पीएम मोदी के रोड शो और प्रचार को ही कारण माना जा रहा है। ऐसे में पीएम अपनी काशी के लोगों के बीच मार्च के अंतिम या अप्रैल के पहले सप्ताह में आ सकते हैं।
पीएम के तप का काशी की जनता ने रखा मान
काशी में पीएम नरेंद्र मोदी के मैजिक का कमाल देखने को मिला। वाराणसी में विरोधियों के खाते में एक भी सीट नहीं गई। बीते विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव की तरह इस विधानसभा चुनाव में भी मोदी का जादू जमकर चला। प्रत्याशियों की घोषणा के बाद से तमाम उतार-चढ़ाव के बीच जैसे-जैसे मतदान का दिन करीब आता गया, पार्टी हाईकमान वाराणसी की सीटों पर जीत को लेकर पुख्ता रणनीति को अंजाम देता गया।
अमित शाह ने नदेसर स्थित होटल में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनाई। कई बड़े दिग्गज नेता लगातार नामांकन के बाद से ही कार्यकर्ताओं और वोटरों के बीच खूब पसीना बहाया। 27 फरवरी को पीएम मोदी ने बूथ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करने के बाद चार मार्च को रोड शो और पांच मार्च को जनसभा तक खुद प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में रहे।
लोकसभा चुनाव में भी काशी को केंद्र बनाकर पीएम ने दिल्ली में सरकार बनाई और इस बार भी प्रदेश के चुनाव का केंद्र काशी को बनाया, जिसका लाभ पार्टी को मिला। हालांकि शहर दक्षिणी सीट से आखिर तक सपा के प्रत्याशी ने नीलकंठ तिवारी को कांटे की टक्कर दी।
बनारस से पीएम मोदी ने पूरे पूर्वांचल को साधा
चुनावी विशेषज्ञों की माने तो चुनाव में सपा ने भाजपा को टक्कर तो दी, लेकिन सपा किला फतह करने में कामयाब नहीं हो सका। पीएम ने जनसभा किया, रोड शो किया, विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन, प्रबुद्धजनों से मुलाकात किया। लगातार दो दिनों तक वे काशी के हर आम-औ-खास के करीब रहे। मतदान के दिन तक इसकी चर्चा लोगों में होती रहीं। पार्टी के डैमेज कंट्रोल के मद्देनजर उठाया गया उनका यह कदम, वोटरों को रिझाने में कामयाब रहा और जिले की सभी सीटों पर भगवा परचम फहराया।
पूर्वांचल की 61 में 29 सीटें पीएम मोदी के भी अथक प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। पूर्वांचल में भाजपा की ओर से प्रचार की कमान खुद प्रधानमंत्री ने मोर्चा संभाला। उन्होंने वाराणसी समेत मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, बलिया, जौनपुर, भदोही समेत अन्य जिलों में जनसभा, रोड शो व संवाद कार्यक्रम किया।