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वाराणसी: जिला निर्वाचन अधिकारी ने पढ़ाया आचार संहिता का पाठ, तीन बार कराना होगा खर्चे का मिलान, भाषण में बरतें संयम
Mon, 10 Jan 2022 10:30 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 10 Jan 2022 10:30 PM IST
सार
प्रचार कार्य के लिये एक साथ पांच वाहन की अनुमति होगी। नामांकन के बाद का चुनाव का खर्चा अभ्यर्थी के खाते में तथा नामांकन से पहले दल के खाते में दर्ज किया जाएगा।
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वाराणसी जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आचार संहिता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने साफ किया कि कोविड नियमों का प्रत्येक दशा में पालन किया जाय। ऐसा कोई कार्य कत्तई न किया जाय, जिससे आदर्श आचार संहिता प्रभावित होती हो।
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धार्मिक स्थलों का उपयोग प्रचार कार्य के लिये कत्तई न किया जाय। जिला रायफल क्लब सभागार में हुई बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदान से पहले तक तीन बार खर्चों का ब्यौरा निर्वाचन कार्यालय को देना होगा। 24 व 28 फरवरी तथा चार मार्च को प्रत्याशियों को अपने चुनाव खर्चे का मिलान करना होगा।
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उन्होंने बताया कि रात आठ से सुबह आठ बजे तक कोई प्रचार कार्य न किया जाए। प्रचार कार्य के लिये एक साथ पांच वाहन की अनुमति होगी, लेकिन विजय जुलूस की अनुमति नहीं होगी। नामांकन के बाद का चुनाव का खर्चा अभ्यर्थी के खाते में तथा नामांकन से पहले दल के खाते में दर्ज किया जाएगा।
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22 फरवरी को अभ्यर्थियों एवं उनके प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 15 जनवरी 2022 तक किसी भी प्रकार के रैली, जनसभा व रोड शो पर प्रतिबंध हैं। इस दौरान राजनीतिक दलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बुजुर्ग और दिव्यांगों का घर-घर कराएंगे मतदान
चुनाव आयोग की ओर से बुजुर्ग और दिव्यांगों को घर से ही मतदान की सुविधा को लेकर वाराणसी जिला प्रशासन अपनी तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए करीब 65 हजार दिव्यांग और बुजुर्ग (80 वर्ष से ऊपर) के मतदाताओं से बीएलओ के जरिए संपर्क भी साधा जाएगा। इसमें मतदान स्थल तक पहुंचने में असमर्थता जताने वाले ऐसे मतदाताओं को फार्म 12 के जरिए बैलेट वोट डलवाया जाएगा।
इसके अलावा मतदाता सूची में सुधार के लिए एक महीने तक और अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के रायफल क्लब में प्रेसवार्ता में चुनाव तैयारियों की जानकारी साझा की और कहा कि कोरोना प्रोटोकाल के साथ चुनाव प्रक्रिया कराने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
इसमें मतदान से पांच दिन पहले प्रत्येक मतदाता को बीएलओ के जरिए फोटोयुक्त मतदाता पर्ची उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले 15 जनवरी से एक डमी पर्ची का वितरण भी कराया जाएगा। निष्पक्ष चुनाव के लिए आठों विधानसभा को 252 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 28 जोनल मजिस्ट्रेट और आठ सुपर जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि इस बार करीब छह सौ मतदान स्थल बढ़ाए गए हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 2711 मतदान स्थल थे, जबकि इस बार 3361 स्थल होंगे।
आल वूमेन और दिव्यांग भी बूथ भी बनेंगे
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि महिला सशक्तिकरण और चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार ज़िले की सभी 8 विधानसभाओं में दो-दो आल वूमेन बूथ बनाये जाएंगे। इन सभी 16 आल वूमेन बूथ पर पोलिंग एजेंट से लेकर सभी अधिकारी के साथ ही साथ सुरक्षाकर्मी भी महिलाएं ही रहेंगी। इसी तरह शिवपुर, वाराणसी उत्तरी, वाराणसी दक्षिणी और वाराणसी कैंटोमेंट में 4 दिव्यांग बूथ बनाये जाएंगे।
इसके अलावा मतदाता सूची में सुधार के लिए एक महीने तक और अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के रायफल क्लब में प्रेसवार्ता में चुनाव तैयारियों की जानकारी साझा की और कहा कि कोरोना प्रोटोकाल के साथ चुनाव प्रक्रिया कराने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
इसमें मतदान से पांच दिन पहले प्रत्येक मतदाता को बीएलओ के जरिए फोटोयुक्त मतदाता पर्ची उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले 15 जनवरी से एक डमी पर्ची का वितरण भी कराया जाएगा। निष्पक्ष चुनाव के लिए आठों विधानसभा को 252 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 28 जोनल मजिस्ट्रेट और आठ सुपर जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि इस बार करीब छह सौ मतदान स्थल बढ़ाए गए हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 2711 मतदान स्थल थे, जबकि इस बार 3361 स्थल होंगे।
आल वूमेन और दिव्यांग भी बूथ भी बनेंगे
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि महिला सशक्तिकरण और चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार ज़िले की सभी 8 विधानसभाओं में दो-दो आल वूमेन बूथ बनाये जाएंगे। इन सभी 16 आल वूमेन बूथ पर पोलिंग एजेंट से लेकर सभी अधिकारी के साथ ही साथ सुरक्षाकर्मी भी महिलाएं ही रहेंगी। इसी तरह शिवपुर, वाराणसी उत्तरी, वाराणसी दक्षिणी और वाराणसी कैंटोमेंट में 4 दिव्यांग बूथ बनाये जाएंगे।
इसमें सभी बूथों की कमान दिव्यांग कर्मचारी और अधिकारी संभालेंगे। इसके अलावा ऐसा अमूमन नहीं होता है, पर फिर भी हम ऐसे सुरक्षाकर्मियों की भी तलाश कर रहे हैं जो फिज़िकल डिसिबल हैं। अगर नहीं हैं तो हम सामान्य सुरक्षाकर्मी ही लगाएंगे। सभी आठ विधानसभाओं पर हम 10-10 की संख्या में मॉडल बूथ भी स्थापित करेंगे।
एक नजर में
एक नजर में
- जिले भर में 30 लाख 29 हजार 215 मतदाता करेंगे आठ विधानसभाओं में प्रत्याशियों के भाग्य के फैसला
- 42 हजार 763 बुजुर्ग और 26 हजार 415 दिव्यांग मतदाताओं को मिलेगा घर से मतदान की सुविधा
- 5 हजार 958 सर्विस मतदाताओं को पोस्ट से भेजे जाएंगे बैलेट, 34 हजार 550 युवा मतदाता करेंगे पहली बार मतदान