भूल कर भी न करें गलती: सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं, फोटो व वीडियो शेयर या पोस्ट कर रहे हैं तो सावधान, हो सकती है जेल
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यूपी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर निर्वाचन आयोग द्वारा डिजिटल रैली करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में ज्यादातर पाटिर्यों व दलों की ओर से वर्चुअल प्रचार-प्रसार तेज हो गया है। इस बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। गलत सूचनाएं भी प्रसारित हो रही है, साथ ही अन्य प्रदेशों और शहरों के फोटो व वीडियो शेयर कर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है।
ऐसे में सक्रिय हुई पुलिस द्वारा दर्जन भर से अधिक ऐसे ग्रुपों को चिन्हित करते हुए उनके एडमिन को चेतावनी भी दी गई है। ग्रामीण और कमिश्नरेट पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ऐसे लोगों पर नजर भी रख रही है। जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा और नियमानुसार जेल भी हो सकती है।
इसी सप्ताह शुक्रवार को चोलापुर क्षेत्र के सेहमलपुर गांव में आचार संहिता का उल्लघंन करने की एक गलत फोटो ने पुलिस को परेशान कर दिया था।
पुलिस के अनुसार जाति, धर्म के नाम पर मतदाताओं में भ्रम पैदा करने और चुनाव में खलल डालने का मंसूबा पालने वालों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी। ऐसे ट्वीट, फेसबुक पोस्ट और वीडियो शेयर करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। व्हाट्सएप पर गलत संदेश प्रसारित करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
लोगों से अपील भी की जा रही है कि भ्रामक सूचनाओं में न आए और बिना सोचे किसी भी पोस्ट को शेयर, लाइक और कमेंट करने से बचें। आईजी रेंज के. सत्यनारायण ने कहा कि गलत संदेश और सूचनाएं देने वाले या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। सोशल मीडिया की भी निगरानी बढ़ा दी गई है।