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यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद से मेहदी सिराज का इस्तीफा, सियासत में मची हलचल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 22 May 2018 10:38 PM IST
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मेहदी सिराज
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व एमएलसी एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी माइनारिटी डिपार्टमेंट के चेयरमैन सिराज मेहदी ने मंगलवार को माइनारिटी डिपार्टमेंट के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया । इस फैसले से उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है।
सिराज मेहदी काफी समय से कांग्रेस माइनारिटी डिपार्टमेंट का अध्यक्ष पद संभाल रहे थे। मंगलवार को अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का अध्यक्ष नदीम जावेद को बनाए जाने के बाद सिराज मेहदी ने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद , अशोक गहलोत व प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को भेज दिया।
वैसे तो सिराज मेहदी ने अपने इस्तीफे में कहा है कि एक व्यक्ति एक पद का मैं पक्षधर हूं। मेरे पास वर्तमान समय में प्रदेश कांग्रेस के दो पद थे। इसलिए हमने एक पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर मैं पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कार्य करता रहूंगा। लेकिन उनके इस्तीफे को नदीम जावेद को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने से जोड़कर देखा जा रहा है।
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अगर सिराज मेहदी कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पद पर बने रहते तो उन्हें इसी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नदीम जावेद के अंडर में रहकर काम करना पड़ता। नदीम जावेद सिराज मेहदी के सामने कद में काफी छोटे हैं और दोनों लोग मूल रूप से जौनपुर के निवासी हैं।
नदीम जावेद के अंडर में रहकर काम करना शायद सिराज मेहदी को गवारा नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया है।
हालांकि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत पार्टी के अन्य वरिष्ट नेताओं को भेजे गए इस्तीफे में एक व्यक्ति एक पद की बात कही है लेकिन उनकी इस्तीफा नदीम जावेद को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा के ठीक बाद आया है।
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सिराज मेहदी काफी समय से कांग्रेस माइनारिटी डिपार्टमेंट का अध्यक्ष पद संभाल रहे थे। मंगलवार को अखिल भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का अध्यक्ष नदीम जावेद को बनाए जाने के बाद सिराज मेहदी ने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद , अशोक गहलोत व प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को भेज दिया।
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वैसे तो सिराज मेहदी ने अपने इस्तीफे में कहा है कि एक व्यक्ति एक पद का मैं पक्षधर हूं। मेरे पास वर्तमान समय में प्रदेश कांग्रेस के दो पद थे। इसलिए हमने एक पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर मैं पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कार्य करता रहूंगा। लेकिन उनके इस्तीफे को नदीम जावेद को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने से जोड़कर देखा जा रहा है।
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अगर सिराज मेहदी कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पद पर बने रहते तो उन्हें इसी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नदीम जावेद के अंडर में रहकर काम करना पड़ता। नदीम जावेद सिराज मेहदी के सामने कद में काफी छोटे हैं और दोनों लोग मूल रूप से जौनपुर के निवासी हैं।
नदीम जावेद के अंडर में रहकर काम करना शायद सिराज मेहदी को गवारा नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया है।
हालांकि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत पार्टी के अन्य वरिष्ट नेताओं को भेजे गए इस्तीफे में एक व्यक्ति एक पद की बात कही है लेकिन उनकी इस्तीफा नदीम जावेद को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा के ठीक बाद आया है।
नदीम जावेद को नई जिम्मेदारी मिलने से कार्यकर्ताओं में हर्ष
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ नदीम जावेद
- फोटो : file photo
जौनपुर के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता नदीम जावेद को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी माइनॉरिटी विभाग का चेयरमैन बनाए जाने से पार्टी कार्यकर्ताओं में हर्ष है। पार्टी के सीनियर नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद अभी तक ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी माइनॉरिटी विभाग के चेयरमैन थे।
नदीम जावेद के चेयरमैन बनने से कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने इसके लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का धन्यवाद अदा किया है।
नदीम जावेद इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वह राहुल गांधी की युवा टीम के अहम हिस्सा रहे हैं।
पार्टी में सक्रिय होने के बाद राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद ऐसा लग रहा था कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। नदीम जावेद करीब ढाई दशक से कांग्रेस पार्टी की राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने शिबली कॉलेज से छात्र राजनीति में प्रवेश किया।
इसके बाद उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी जौनपुर से जुड़कर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। नदीम जावेद ने यहां युवाओं को जोड़कर कई छोटे बड़े जनआंदोलन किए।
पार्टी में बढ़ती सक्रियता को देखते हुए उन्हें 1997-98 में राष्ट्रीय छात्र संगठन का प्रदेश महासचिव बनाया गया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में वह जौनपुर सदर सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए लेकिन 2017 में इसी सीट से वह चुनाव हार गए।
नदीम जावेद के चेयरमैन बनने से कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने इसके लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का धन्यवाद अदा किया है।
नदीम जावेद इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वह राहुल गांधी की युवा टीम के अहम हिस्सा रहे हैं।
पार्टी में सक्रिय होने के बाद राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद ऐसा लग रहा था कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। नदीम जावेद करीब ढाई दशक से कांग्रेस पार्टी की राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने शिबली कॉलेज से छात्र राजनीति में प्रवेश किया।
इसके बाद उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी जौनपुर से जुड़कर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। नदीम जावेद ने यहां युवाओं को जोड़कर कई छोटे बड़े जनआंदोलन किए।
पार्टी में बढ़ती सक्रियता को देखते हुए उन्हें 1997-98 में राष्ट्रीय छात्र संगठन का प्रदेश महासचिव बनाया गया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में वह जौनपुर सदर सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए लेकिन 2017 में इसी सीट से वह चुनाव हार गए।