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यूपी कॉलेज हत्याकांड: बिना नोटिस के निष्कासित होगा मंजीत, अन्य छात्रों पर भी कार्रवाई; अब तक 10 प्राथमिकी दर्ज

Fri, 27 Mar 2026 06:02 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 27 Mar 2026 06:02 AM IST
सार

Varanasi News: सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के छठे दिन कॉलेज प्रशासन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पुलिस के निर्देश पर कॉलेज खुलेगा, फिलहाल ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। वहीं प्राचार्य ने कहा कि पुलिस के पास सीडीआर और सीसीटीवी हैं। आरोप लगाने वाले स्वयं सत्यापन कर सकते हैं।

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UP College Murder Case Manjeet to be Expelled Without Notice Action Against Other Students
यूपी कॉलेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

UP College Murder Case: यूपी कॉलेज में 20 मार्च को बीएससी गणित छात्र सूर्य प्रताप सिंह की क्लासरूम के सामने दिनदहाड़े हुई हत्या के छठे दिन, कॉलेज प्रशासन ने अपना आधिकारिक पक्ष रखा। पत्रकारों से बातचीत में प्राचार्य प्रो. डीके सिंह ने कहा कि कॉलेज खुलते ही हत्या के आरोपी मंजीत सिंह को बिना नोटिस दिए कॉलेज से निष्कासित किया जाएगा। मंजीत के अलावा पांच या उससे अधिक छात्रों पर भी निष्कासन की कार्रवाई हो सकती है।

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पुलिस टीम इन उपद्रवियों और बदमाशों की पहचान में लगी हुई है। जांच पूरी होने के बाद इन्हें नोटिस देकर कॉलेज से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। कई अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पिछले चार वर्षों में 10 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। फिलहाल कॉलेज की कक्षाएं ऑनलाइन ही चलेंगी। 

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प्राचार्य प्रो. सिंह ने कहा कि हत्या के समय सीसीटीवी फुटेज और फोन का सीडीआर सबकुछ जांच के लिए उपलब्ध है। पुलिस के पास सारे साक्ष्य हैं, जिन्हें देखकर सच्चाई का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी खंडन किया कि घटना के समय प्राचार्य ने सामने खड़े होकर फोन से दोनों को कार्यालय बुलाया था।

उन्होंने बताया कि 17 मार्च को एक विवाद हुआ था, जिसमें सूर्या सहित दो छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उस समय वह अयोध्या दर्शन पूजन के लिए गए हुए थे, इसलिए सूर्या से बातचीत नहीं हो पाई, लेकिन शिवपुर पुलिस को शिकायत भेजी गई थी। दो दिन बाद, 20 मार्च को रूटीन कार्य के दौरान सूर्य को गोली मारी गई।

घटना का क्रम
प्राचार्य ने अपने आवास पर आरोपी मंजीत का पीछा करने वाले प्रोफेसरों और अस्पताल तक ले जाने वाली टीम के साथ प्रॉक्टोरियल बोर्ड को बुलाकर पूरी घटना सिलसिलेवार बताई। सूर्या 20 मार्च को 25 नंबर के पेपर के लिए मिड टर्म बैक परीक्षा फॉर्म भरने आया। उसने 10:15 बजे फॉर्म की जानकारी ली और 500 रुपये देकर फॉर्म खरीदा। लौटते समय 10:30 बजे उसकी मुलाकात डिप्टी कंट्रोलर डॉ. देवेंद्र कुमार सिंह से हुई, जो प्रक्रिया समझा रहे थे। 

17 मार्च की घटना को लेकर हॉस्टल के कई छात्र सूर्या की पैरोकारी के लिए भी आए थे। तमाम बातचीत के बाद सूर्या 10:50 बजे तक बाहर चला गया, जिसका वीडियो रिकॉर्ड मौजूद है। लेकिन 11:10 बजे कला संकाय के कक्ष संख्या 12 के बाहर सूर्या पर गोली चली। प्राचार्य ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर बयान देने वालों की भी जांच की जानी चाहिए।

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प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने किया मंजीत का पीछा
प्रॉक्टोरियल बोर्ड के प्रो. मनोज कुमार सिंह, चंद्रशेखर और विजय सिंह ने मंजीत का पीछा किया। वह छत तक चढ़ गया। उनके पास सुरक्षा के संसाधन या हथियार नहीं थे। गोली लगने पर उनकी भी जान जा सकती थी। मंजीत बाद में कूदकर भाग गया और कैंपस से बाहर निकल गया। किसी शिक्षक ने उसे नहीं बुलाया... अगर किसी के पास रिकॉर्ड है तो वह दिखा सकता है।

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