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यूपी बजट 2018: योगी सरकार ने वाराणसी को दिए कई सौगात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 17 Feb 2018 02:22 PM IST
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Uttar Pradesh budget 2018-19
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का दूसरा बजट शुक्रवार को वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में पेश किया। वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए चार लाख 28 हजार 384 करोड़ 52 लाख रुपये का बजट पेश किया गया है।
योगी सरकार ने बजट में काशी की देव दीपावली के लिए सौगात दी है। बजट में प्रदेश में होने वाले महोत्सवों के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की विश्व प्रसिद्ध देव दीपावली को भी शामिल किया गया है।
देव दीपावली की परंपरा सबसे पहले पंचगंगा घाट पर 1915 में हजारों दीये जलाकर शुरु की गई थी। बाद में काशी के लोगों ने आपसी सहयोग से महोत्सव में बदल कर इसे विश्व प्रसिद्ध कर दिया। इस अद्भुत नजारे को देखकर लगता है कि मानो पूरी आकाशगंगा ही जमीन पर उतर आई हो।
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देव दीपावली कार्तिक मास की पूर्णिमा को दीपावली के 15 दिन बाद मनाई जाती है। इस अवसर पर उत्तर वाहिनी गंगा अर्द्ध चंद्राकार घाटों पर सैंकड़ों दीये जलाने के साथ मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
इस मौके पर असंख्य दीपक और झालरों की रोशनी से आदि केशव घाट से लेकर संत रविदास घाट और यहां तक कि वरुणा तट, सभी देवालय, महल, भवन, मठ-आश्रम जगमगा उठते हैं। प्राचीन कुंड और सरोवर भी इससे अछूते नहीं रहते हैं।
उत्तर प्रदेश पर्यटन के संयुक्त निदेशक अविनाश चंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पर्यटन के तहत होने वाले विभिन्न महोत्सवों के लिए अच्छा बजट दिया है। इसमें देव दीपावली को बजट में प्राथमिकता पर लिया गया है। इससे काशी के पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।
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योगी सरकार ने बजट में काशी की देव दीपावली के लिए सौगात दी है। बजट में प्रदेश में होने वाले महोत्सवों के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की विश्व प्रसिद्ध देव दीपावली को भी शामिल किया गया है।
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देव दीपावली की परंपरा सबसे पहले पंचगंगा घाट पर 1915 में हजारों दीये जलाकर शुरु की गई थी। बाद में काशी के लोगों ने आपसी सहयोग से महोत्सव में बदल कर इसे विश्व प्रसिद्ध कर दिया। इस अद्भुत नजारे को देखकर लगता है कि मानो पूरी आकाशगंगा ही जमीन पर उतर आई हो।
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देव दीपावली कार्तिक मास की पूर्णिमा को दीपावली के 15 दिन बाद मनाई जाती है। इस अवसर पर उत्तर वाहिनी गंगा अर्द्ध चंद्राकार घाटों पर सैंकड़ों दीये जलाने के साथ मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
इस मौके पर असंख्य दीपक और झालरों की रोशनी से आदि केशव घाट से लेकर संत रविदास घाट और यहां तक कि वरुणा तट, सभी देवालय, महल, भवन, मठ-आश्रम जगमगा उठते हैं। प्राचीन कुंड और सरोवर भी इससे अछूते नहीं रहते हैं।
उत्तर प्रदेश पर्यटन के संयुक्त निदेशक अविनाश चंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पर्यटन के तहत होने वाले विभिन्न महोत्सवों के लिए अच्छा बजट दिया है। इसमें देव दीपावली को बजट में प्राथमिकता पर लिया गया है। इससे काशी के पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।
केंद्र की योजनाओं काफी ध्यान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल।
- फोटो : amar ujala
प्रदेश सरकार ने अपने बजट में केंद्र की योजनाओं काफी ध्यान रखा है। इसमें मेट्रो, स्वच्छता अभियान, स्मार्ट सिटी, कान्हा उपवन और अमृत जैसी योजनाओं के लिए धनराशि जारी करने की घोषण की गई है। इसमें से सभी योजनाएं काशी में संचालित हैं। इससे लोगों में एक बार फिर मेट्रो के दौड़ने की उम्मीद जग गई है।
दरअसल सपा सरकार में मेट्रो का प्रावधान किया गया था, लेकिन तकनीकी और आर्थिक कारणों से केंद्र ने इस योजना पर रोक लगा दी। बाद में संशोधित डीपीआर बनाने के लिए प्रदेश सरकार को निर्देश जारी हुआ, लेकिन धन की कमी आने लगी।
अब बजट में पांच सौ करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें करीब डेढ़ सौ करोड़ काशी मेट्रो को मिलने की उम्मीद है। बता दें कि काशी में मेट्रो दौड़ाने के लिए पहले चरण में 17 हजार 252 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
इसमें बीएचयू से भेल तक और बेनियाबाग से सारनाथ तक कुल 29 किमी की लंबी मेट्रो कॉरिडोर योजना पर काम होना था। बाद में केन्द्र के निर्देश पर इसकी संशोधित डीपीआर तैयार कराने से पहले मेट्रो रूट सर्वे के लिए वीडीए राइट्स को दो दिन पहले ही 81 लाख रुपये का भुगतान भी कर चुका है।
दरअसल सपा सरकार में मेट्रो का प्रावधान किया गया था, लेकिन तकनीकी और आर्थिक कारणों से केंद्र ने इस योजना पर रोक लगा दी। बाद में संशोधित डीपीआर बनाने के लिए प्रदेश सरकार को निर्देश जारी हुआ, लेकिन धन की कमी आने लगी।
अब बजट में पांच सौ करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें करीब डेढ़ सौ करोड़ काशी मेट्रो को मिलने की उम्मीद है। बता दें कि काशी में मेट्रो दौड़ाने के लिए पहले चरण में 17 हजार 252 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
इसमें बीएचयू से भेल तक और बेनियाबाग से सारनाथ तक कुल 29 किमी की लंबी मेट्रो कॉरिडोर योजना पर काम होना था। बाद में केन्द्र के निर्देश पर इसकी संशोधित डीपीआर तैयार कराने से पहले मेट्रो रूट सर्वे के लिए वीडीए राइट्स को दो दिन पहले ही 81 लाख रुपये का भुगतान भी कर चुका है।
इन कार्यो के लिए भी मिला बजट
विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
स्वच्छता सर्वे इसी महीने होने हैं। इसके लिए भी बजट में धन जारी किया गया है। अमृत योजना के तहत सीवेज और पेयजल की समस्या भी दूर होगी। वहीं छुट्टा पशुओं को व्यवस्थित करने के लिए कान्हा उपवन भी बनाए जाएंगे। नगर निगम ने जमीन देख ली है।
लेकिन अभी इसका निर्माण शुरू नहीं हो पाया था। अब धन की व्यवस्था के बाद उम्मीद जगी है कि करसड़ा के छितौनी में बनने वाले कान्हा उपवन का निर्माण शुरू हो जाएगा। साथ ही शहर में घूम रहे छुट्टा पशुओं को वहां रखा जा सकेगा। वहीं स्मार्ट सिटी के लिए बजट में पांच करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।