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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   UP Assembly Election 2022: Congress won five seats in Banaras In 1980 then Pt. Kamalapati Tripathi called Kailash Tandon and gave ticket

यूपी चुनाव 2022: 1980 में कांग्रेस ने जीती बनारस की पांच सीटें, तब पं. कमलापति त्रिपाठी ने कैलाश टंडन को बुलाकर दिया था टिकट

Sat, 29 Jan 2022 03:45 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 29 Jan 2022 03:45 PM IST
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UP Assembly Election 2022: Congress won five seats in Banaras In 1980 then Pt. Kamalapati Tripathi called Kailash Tandon and gave ticket
कैलाश टंडन। - फोटो : अमर उजाला

सन 1980 के विधानसभा चुनाव में मौजूदा बनारस की पांच सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था। जबकि एक मात्र कोलअसला सीट पर सीपीआई के उदल जीते थे। उस समय दक्षिणी विधानसभा सीट से जीतने वाले कैलाश टंडन के पुत्र डॉ. अनुराग टंडन ने बताया कि पिताजी जब चुनाव जीते थे, उस समय मैं हाई स्कूल में पढ़ता था। मुझे याद है कि औरंगाबाद हाउस में पं. कमलापति त्रिपाठी ने मेरे पिताजी को बुलाकर टिकट दिया था। उस समय दक्षिणी विधानसभा सीट से चार और ब्राह्मण दावेदार थे, लेकिन पिताजी की छवि को देखते हुए उन्हें टिकट दिया गया।

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डॉ. अनुराग बताते हैं कि जाति से मेरे पिताजी पंजाबी खत्री थे। धार्मिक दृष्टि से दक्षिणी से अक्सर ब्राह्मण उम्मीदवार लड़ते थे। ऐसी स्थिति में मेरे पिताजी को टिकट मिला तो कांग्रेस का एक धड़ा नाराज हो गया था। पिताजी अपनी जेब में मुहर रखकर चलते थे। चौक स्थित लक्ष्मी की चाय की दुकान पर उनकी अड़ी लगती थी। वहां पर कोई भी व्यक्ति आता तो उसका आवेदन पढ़ने के बाद मुहर लगा देते थे।

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उसका काम चाय की दुकान पर बैठे-बैठे हो जाता था। विधायक बनने के बाद भी पिताजी में कोई अहंकार नहीं रहता था। वे किसी की साइकिल या मोटरसाइकिल से कहीं भी चले जाते थे। उन्हें अगर पता चल जाता कि उनके विधानसभा में किसी के घर कोई समस्या है। वह बिना बुलाए चले जाते थे। उसकी समस्या सुनते थे और उसका निदान कराते थे।

उन्होंने बताया कि आपातकाल के बाद 1977 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का जहां देश में सूपड़ा साफ हो गया था। यूपी की सियासत में बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस आई के लिए 1980 का चुनाव बेहद उत्साहजनक रहा। एक तरफ जहां प्रदेश में 309 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार बनी। वहीं जनता पार्टी के विघटन और जनसंघ के बाद भाजपा के गठन के बाद वाराणसी में भी पांच सीटों पर कांग्रेस आई को जीत मिली थी।

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1980 में विधानसभा सीटों के परिणाम
- कैंट विधानसभा सीट से कांग्रेस आई के मांडवी प्रसाद सिंह ने जनता पार्टी सेक्युलर के शतरुद्र प्रकाश को 5616 वोटों से हराया था।
- दक्षिणी विधानसभा सीट से कांग्रेस आई के कैलाश टंडन ने भाजपा के राजबली तिवारी को 5751 वोटों से हराया था
- उत्तरी विधानसभा सीट से कांग्रेस आई के मोहम्मद शफीकुर्रहमान अंसारी ने भाजपा के शफुल्ला अंसारी को 1212 वोटों से हराया था।
- चिरईगांव विधानसभा सीट से कांग्रेस आई के श्रीनाथ सिंह ने कांग्रेस यू के खरबन को फाइव 568 वोटों से हराया था।
- कोलअसला विधानसभा सीट से सीपीआई के उदल ने कांग्रेस के गिरिजेश वल्लभ को 7147 वोटों से हराया था।
- गंगापुर विधानसभा सीट से कांग्रेस आई की धनेश्वरी देवी ने सीपीएम के राजकिशोर को 813 वोटों से हराया था।
- इनके अलावा सैदपुर से रामकरण, धानापुर से रामजनम, चंदौली सुरक्षित से संकटा प्रसाद शास्त्री, चकिया सुरक्षित से खरपतराम, मुगलसराय से रामचंद्र, औराई से योगेंद्र चंद्र, ज्ञानपुर से बृद्धि नारायण, भदोही सुरक्षित से भंवरी राम विधायक बने थे। अब ये सीटें गाजीपुर चंदौली और भदोही में चली गई हैं।
(नोट: सभी आंकड़े चुनाव आयोग के अनुसार )

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