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विश्वविद्यालयों को अब हर माह देनी होगी अपनी रिपोर्ट
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राज्य विश्वविद्यालयों को हर माह अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट राजभवन को भेजनी होगी। कुलाधिपति व राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों से उनकी शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक गतिविधियों की रिपोर्ट तलब की है। विश्वविद्यालयों को 55 पेज का फार्मेट भेजा गया और इसी में अपनी रिपोर्ट तैयार करके राजभवन भेजनी है।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ व संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय विभागवार सूचनाएं एकत्र करने में जुट गए हैं। दोनों विश्वविद्यालयों ने तीन अगस्त तक समस्त सूचनाएं निर्धारित फार्मेट पर राजभवन को मेल करने का लक्ष्य रखा है। विश्वविद्यालयों को 55 पेज के फार्मेट में राजभवन को यह रिपोर्ट प्रत्येक माह की तीन तारीख को राजभवन भेजनी है। इसे देखते हुए इन सूचनाओं के लिए विश्वविद्यालय में एक स्थायी सेल गठित किया गया है।
कुलाधिपति ने विश्वविद्यालयों से विभागवार हो रहे शोध का विवरण, शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित शोधार्थियों के लेख, उपाधि वितरण की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धियां, लाइब्रेरी, संबद्धता सहित समस्त विभागीय गतिविधियों की जानकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार विश्वविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति, वित्त व लेखा से संबंधित तमाम सूचनाएं मांगी गई हैं।
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पांच सदस्यीय समिति गठित
काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने पांच सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति में वाणिज्य विभाग के प्रो. केएस जायसवाल, हिंदी और अन्य भारतीय भाषा विभाग के प्रो. निरंजन सहाय, सहायक कुलसचिव हरीशचंद , संबद्धता के अधीक्षक डॉ. आनन्द कुमार सिंह, लेखाकार जयशंकर प्रसाद सिंह व लिपिक विनोद कुमार सिंह को शामिल किया गया है।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ व संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय विभागवार सूचनाएं एकत्र करने में जुट गए हैं। दोनों विश्वविद्यालयों ने तीन अगस्त तक समस्त सूचनाएं निर्धारित फार्मेट पर राजभवन को मेल करने का लक्ष्य रखा है। विश्वविद्यालयों को 55 पेज के फार्मेट में राजभवन को यह रिपोर्ट प्रत्येक माह की तीन तारीख को राजभवन भेजनी है। इसे देखते हुए इन सूचनाओं के लिए विश्वविद्यालय में एक स्थायी सेल गठित किया गया है।
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कुलाधिपति ने विश्वविद्यालयों से विभागवार हो रहे शोध का विवरण, शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित शोधार्थियों के लेख, उपाधि वितरण की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धियां, लाइब्रेरी, संबद्धता सहित समस्त विभागीय गतिविधियों की जानकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार विश्वविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति, वित्त व लेखा से संबंधित तमाम सूचनाएं मांगी गई हैं।
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पांच सदस्यीय समिति गठित
काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने पांच सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति में वाणिज्य विभाग के प्रो. केएस जायसवाल, हिंदी और अन्य भारतीय भाषा विभाग के प्रो. निरंजन सहाय, सहायक कुलसचिव हरीशचंद , संबद्धता के अधीक्षक डॉ. आनन्द कुमार सिंह, लेखाकार जयशंकर प्रसाद सिंह व लिपिक विनोद कुमार सिंह को शामिल किया गया है।