काशी की अनोखी होली: त्रिशूल, डमरू, ओम वाली पिचकारी से सजे बाजार, PM मोदी के मुखौटे की डिमांड; जानें खास
होली 13 मार्च होलिका दहन के साथ शुरू हो रही है। 14 मार्च को होली खेला जाएगी। बाजार पर भी होली का रंग चढ़ने लगा है। रंग, गुलाल, पिचकारी और होली से जुड़े अन्य सामान से बाजार पूरी तरह से सज गए हैं।
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Holi 2025: बनारस में होली की धूम तो बसंत पंचमी से देखने को मिलती और बाबा विश्वनाथ के साथ रंग भरी एकादशी को काशी वाशी होली खेलने के बाद लगातार पांच दिन तक होली खेलते हैं।इस बार काशी में मोदी थीम वाली पिचकारी और मुखौटे लोगों को खूब भा रहे हैं।
बच्चे और युवा बड़े उत्साह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे वाले मुखौटे और उनके डिजाइन की पिचकारियां खरीद रहे हैं। इसके अलावा, कुंभ के प्रवाह का असर भी होली के बाजारों में दिख रहा ह। भगवान भोलेनाथ के त्रिशूल, डमरू और बांसुरी के डिजाइन वाली पिचकारियों की भी खूब मांग बढ़ गई है।
होली का बाजार बनारस के चौक इलाके में होलसेल मार्केट राजा दरवाजा, हड़हासराय, दालमंडी और गोला दीनानाथ में पिचकारी, रंग गुलाल और मुखौटा का बाजार लगता है। इसके अलावा सड़क किनारे लंका, मैदागिन, महमूरगंज सिगरा दुर्गाकुंड पूरे बनारस के फुटपाथ पर भी इन सामानों की दर्जनों दुकानें सज जाती हैं।
लोग नए तरीके के पिचकारी, मुखौटे आदि की डिमांड कर रहे हैं। इनमें मोदी-योगी के मुखौटे लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। वहीं शिव के त्रिशूल और डमरू वाले पिचकारी भी लोगों को भा रहे हैं।दुकानों पर मोदी मुखौटा लगाकर खुद दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
क्या कहना है कारोबारियों का
दुकानदारों का कहना है कि इस बार त्रिशूल वाली, रॉकेट लॉन्चर डिजाइन और अनार बम जैसी अनोखी पिचकारियां भी लोगों को खूब पसंद आ रही हैं।पिचकारी विक्रेता अरबाज अहमद ने बताया कि पिछले साल बुलडोजर थीम वाली पिचकारी की जबरदस्त मांग थी, लेकिन इस बार मोदीजी की पिचकारी की नई वैरायटी आई है, जो 200 रुपये से लेकर 2 हजार रुपये तक में बिक रही है।
बच्चों को त्रिशूल ओम डमरु थीम पर बनी पिचकारी ज्यादा पसंद आ रही है।इनमें गन पिचकारी, कलर फॉग पिचकारी, फाग टाइप कलर स्प्रे और कलर सिलेंडरअनार बम पिचकारी जैसी अनोखी वैरायटी शामिल हैं। दुकानदारों के अनुसार, अभी से लोग होली की खरीदारी में जुट गए हैं और अगले कुछ दिनों में बिक्री और बढ़ेगी। होली का यह बाजार रंगों से सराबोर है, और नए-नए डिजाइनों की पिचकारियां ग्राहकों को खूब लुभा रही हैं।
हर्बल कलर का बेहतर हो रहा कारोबार
स्किन को नुकसान पहुंचाने के कारण केमिकल युक्त रंगों की तुलना में इस बार भी हर्बल व ऑर्गेनिक कलर का कारोबार काफी बेहतर हो रहा है। खुदरा बाजार में इस बार रंग की कीमत तीन से 40 रुपये प्रति 10 ग्राम, स्प्रे कलर दो सौ से पांच सौ रुपये प्रति सिलेंडर व गुलाल 40 से 160 रुपये प्रति किलो खुदरा बाजार में बिक रहा है।