काशीवासियों की मस्ती का अनूठा आयोजन: कूड़ा गाड़ी पर निकले उलूक महाराज, मोमबत्ती से उतारी आरती
ल्हड़ बनारसियों की मस्त मिजाजी और फक्कड़पन का प्रतीक उलूक महोत्सव में हास्य कवियों ने कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
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काशीवासियों की मस्ती का अनूठा आयोजन उलूक महोत्सव शनिवार की रात फिर से सजा। उलूक महाराज कूड़ा गाड़ी पर सवार होकर निकले तो बैंड बाजे से उनका भव्य स्वागत किया गया। अल्हड़ बनारसियों की मस्त मिजाजी और फक्कड़पन का प्रतीक उलूक महोत्सव में हास्य कवियों ने कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
शनिवार को शनिवार गोष्ठी व मारवाड़ी युवक संघ की ओर से लक्सा स्थित मारवाड़ी युवक संघ में उलूक महोत्सव का आयोजन किया गया। गैबी में स्थित अपने कोटर से कूड़ा गाड़ी पर सवार होकर बैंड बाजे के साथ उलूक महाराज आयोजन स्थल की तरफ प्रस्थान किए।
मारवाड़ी युवक संघ में मोमबत्ती से उलूक महाराज की आरती उतारी गई। इसके बाद उन्हें मंच पर विराजमान कराया गया। हास्य कवियों को वाइपर और डेंगू से बचने के लिए मच्छरदानी भेंटकर स्वागत किया गया। इसके बाद हास्य रस की गंगा बहनी शुरू हुई।
हास्य कवि दमदार बनारसी ने अंधी है मुहब्बत ये आपने सुना है किंतु, मैंने आजमाया है ये दर्द खाली देती है..., ऐसी ही कठोर प्रेमिका से मैं निभा रहा हूं, जरा सा भी भाव नहीं मतवाली देती है...सुनाकर तालियां बटोरी। इस दौरान मीर गोरखपुरी, धर्मप्रकाश मिश्र, बिहारी लाल अंबर, संदीप शरारती, रीना झा व नेहा झा ने हास्य कविताओं की प्रस्तुति दी।