वाराणसी : केंद्रीय राज्यमंत्री बोले- खादी ग्रामोद्योग से प्रशिक्षण लेकर महिलाएं होंगी आत्मनिर्भर, अगरबत्ती प्रशिक्षण केंद्र का किया शुभारंभ
केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि पहले बांस को पेड़ के रूप में माना जाता था, जिसे काटने के लिए परमिशन लेनी पड़ती थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने इसको एक पौधे के रूप में मान्यता दी है।
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केंद्रीय सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा शुक्रवार को सघन क्षेत्र विकास समिति सेवापुरी पहुंचे। यहां बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने उनका संगीतमयी कार्यक्रम प्रस्तुत कर स्वागत किया। उन्होंने आश्रम परिसर में एक हजार बांस के पौधे लगाए। इसके बाद वे खादी ग्राम उद्योग विद्यालय गांधी आश्रम परिसर सेवापुरी पहुंचे। उन्होंने आश्रम परिसर में संचालित खादी ग्रामोद्योग विद्यालय में चरखा मैकेनिक ब्यूटीशियन और अगरबत्ती प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया।
उन्होंने बताया कि मॉडल ब्लॉक व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में खादी ग्रामोद्योग विद्यालय से प्रशिक्षण लेकर महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। पहले बांस को पेड़ के रूप में माना जाता था, जिसे काटने के लिए परमिशन लेनी पड़ती थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने इसको एक पौधे के रूप में मान्यता दी है। जिससे हर व्यक्ति बांस के पौधे को लगा और काट सकता है। इसे अगरबत्ती के निर्माण में प्रयोग करके आय बढ़ाया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने वितरित किया टूलकिट
भगवान विश्वकर्मा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिन के मौके पर शुक्रवार को लालपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल (टीएफसी) में हस्तशिल्प विकास एवं प्रोत्साहन (आईडीपीएच) योजना के तहत 675 लाभार्थियों को निशुल्क टूल किट वितरित किया गया। इसमें 500 टूल किट आईडीपीएच योजना तहत लकड़ी, पत्थर, धातु और मीनाकारी के कारीगरों को और 175 लाभार्थियों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत टेलरिंग, कारपेंटरी, हलवाई, नाई के कार्यों की टूल किट वितरित की गई। जिसे पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि यूपी में श्रमिकों, कारीगरों, हुनरमंदों के लिए जितनी योजनाएं वर्तमान में संचालित है, उतनी पहले कभी नहीं चली।