{"_id":"59c3a53f4f1c1b2b688b5cc5","slug":"underground-system-base-will-be-gifted-by-modi","type":"story","status":"publish","title_hn":"काशी को सूबे के पहले अंडरग्राउंड सिस्टम बेस उपकेंद्र की सौगात देंगे पीएम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी को सूबे के पहले अंडरग्राउंड सिस्टम बेस उपकेंद्र की सौगात देंगे पीएम
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 21 Sep 2017 05:10 PM IST
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- फोटो : self
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी को सूबे के पहले अंडर ग्राउंड रिंग मेन सिस्टम बेस उपकेंद्र की सौगात की देंगे। 22 सितंबर के प्रस्तावित काशी दौरे में प्रधानमंत्री कज्जाकपुरा में बनकर तैयार इस उपकेंद्र को जनता को समर्पित करेंगे। इसका लोकार्पण वह बड़ा लालपुर से ही करेंगे। यह अपने आप में नायाब उपकेंद्र है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अब तक लखनऊ में रिंग मेन सिस्टम बेस उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं लेकिन यह पहला ऐसा उपकेंद्र है जो अंडरग्राउंड रिंग मेन सिस्टम बेस है।
अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित इस उपकेंद्र में किसी गड़बड़ी या अन्य कारणों से एक लाइन से आपूर्ति बाधित होगी तो ऑटोमैटिक रूप से दूसरी लाइन से आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इस उपकेंद्र का निर्माण आईपीडीएस के तहत कराया गया है।
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कार्यदायी संस्था पावर ग्रिड की ओर से इसकी स्थापना पर 4.5 करोड़ रुपये की लागत आई है। मंगलवार से ही इस उपकेंद्र पर लोड डालकर टेस्टिंग की जा रही है। विभागीय इंजीनियरों के मुताबिक इस उपकेंद्र को भूमिगत रिंग मेन बेस पर बनाया गया है।
इसके जरिए अघोषित कटौती और ओवरलोडिंग से निजात मिलेगी। वोल्टेज सप्लाई भी बेहतर होगी। उपकेंद्र में दो दस एमवीए का ट्रांसफार्मर लगा है।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अब तक लखनऊ में रिंग मेन सिस्टम बेस उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं लेकिन यह पहला ऐसा उपकेंद्र है जो अंडरग्राउंड रिंग मेन सिस्टम बेस है।
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अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित इस उपकेंद्र में किसी गड़बड़ी या अन्य कारणों से एक लाइन से आपूर्ति बाधित होगी तो ऑटोमैटिक रूप से दूसरी लाइन से आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इस उपकेंद्र का निर्माण आईपीडीएस के तहत कराया गया है।
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कार्यदायी संस्था पावर ग्रिड की ओर से इसकी स्थापना पर 4.5 करोड़ रुपये की लागत आई है। मंगलवार से ही इस उपकेंद्र पर लोड डालकर टेस्टिंग की जा रही है। विभागीय इंजीनियरों के मुताबिक इस उपकेंद्र को भूमिगत रिंग मेन बेस पर बनाया गया है।
इसके जरिए अघोषित कटौती और ओवरलोडिंग से निजात मिलेगी। वोल्टेज सप्लाई भी बेहतर होगी। उपकेंद्र में दो दस एमवीए का ट्रांसफार्मर लगा है।