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ड्रेजिंग की आड़ में उखाड़ दिए पत्थर
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 02 May 2016 02:15 AM IST
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जदीद बाजार में वरूणा नदी के किनारे की जा रही खोदाई।
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सीएम के ड्रीएम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर में एक के बाद एक खेल हो रहा है। पहले हुए सीमांकन में पत्थर गाड़ने में नियमों की अनदेखी की गई। अब ग्रीन बेल्ट के लिए पैमाइश करने टीम पहुंची तो ये पत्थर कई जगहों से गुम हैं। पता चला कि सिंचाई विभाग ने ड्रेजिंग की आड़ में इन पत्थरों की उखाड़ दिया है। इसके चलते पैमाइश करने में टीम को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वरुणा कॉरिडोर के लिए एक ओर नदी में ड्रेजिंग का काम चल रहा है वहीं, ग्रीन बेल्ट बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है। इसके लिए रविवार को घौसाबाद, नदेसर, जदीद बाजार, पीडब्ल्यूडी, चौकाघाट इलाकों में राजस्व, वीडीए और नगर निगम की दो टीमें ने पैमाइश की। टीम में शामिल लोगों की मानें तो जब पत्थर से 50 मीटर दूरी तक निशान लगाने गए तो कई जगहों पर पत्थर मिले ही नहीं।
नदी के किनारे ड्रेजिंग के दौरान निकली मिट्टी के ढेर तो लगे हैं लेकिन पिलर गायब हैं। पुराने रिकार्ड से मिलान करने के बाद पिलर वाले स्थान से 50 मीटर दूर तक पैमाइश की जा रही है। डूब क्षेत्र में जो भवन बने हैं, विवरण भी नोट किया जा रहा है। अब तक 110 मकान चिह्नित किए गए हैं। सिंचाई विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि ड्रेजिंग के कुछ पत्थर उखड़ गए होंगे। गड़बड़ी सुधार ली जाएगी।
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वरुणा कॉरिडोर के लिए एक ओर नदी में ड्रेजिंग का काम चल रहा है वहीं, ग्रीन बेल्ट बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है। इसके लिए रविवार को घौसाबाद, नदेसर, जदीद बाजार, पीडब्ल्यूडी, चौकाघाट इलाकों में राजस्व, वीडीए और नगर निगम की दो टीमें ने पैमाइश की। टीम में शामिल लोगों की मानें तो जब पत्थर से 50 मीटर दूरी तक निशान लगाने गए तो कई जगहों पर पत्थर मिले ही नहीं।
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नदी के किनारे ड्रेजिंग के दौरान निकली मिट्टी के ढेर तो लगे हैं लेकिन पिलर गायब हैं। पुराने रिकार्ड से मिलान करने के बाद पिलर वाले स्थान से 50 मीटर दूर तक पैमाइश की जा रही है। डूब क्षेत्र में जो भवन बने हैं, विवरण भी नोट किया जा रहा है। अब तक 110 मकान चिह्नित किए गए हैं। सिंचाई विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि ड्रेजिंग के कुछ पत्थर उखड़ गए होंगे। गड़बड़ी सुधार ली जाएगी।
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