कागज पर निर्माणाधीन, मौके पर खाली जमीन, निरीक्षण के दौरान पशु आश्रय केंद्र का खुला सच
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वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के बनकट गांव में रविवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर निर्माणाधीन पशु आश्रय केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां एक कूड़ादान व केंचुआ पालन के लिए ईंट से घिरा गड्ढा मिला। यह देखकर वह आग बबूला हो गए और ग्राम प्रधान रामसेवक से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि 10 बिस्वा जमीन पशुआश्रय केंद्र के लिए दिया गया है। मौके पर जमीन भी कम दिख रही थी।
कैबिनेट मंत्री ने चिरईगांव खंड विकास अधिकारी विजय कुमार को फोन मिलाकर पूछा कि यहां तो कागज में पशु आश्रय केंद्र निर्माणाधीन है। मौके पर तो खाली जमीन ही है। इस पर वह जवाब नहीं दे पाए।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पशुपालकों की समस्याओं को लेकर सरकार ने गांव-गांव में पशु आश्रय केंद्र बनाने का फैसला लिया है।
लेकिन विकास कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। इससे मुख्यमंत्री को अवगत कराकर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही चिरईगांव व हरहुआ विकास खंडों में पशु आश्रय केंद्र के धीमी गति से काम चलने पर नाराजगी जताई।