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Varanasi News: कुएं में गिरी चार साल की बच्ची को बचाने के लिए कूदे दो युवक, तीनों की मौत

Fri, 20 Jun 2025 01:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 Jun 2025 01:03 AM IST
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Two youths jumped to save a four-year-old girl who fell into a well, all three died
संवाद न्यूज एजेंसी
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कछवा रोड। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के गुड़िया गांव के बिंद बस्ती में बृहस्पतिवार को तेरहवीं के दौरान कुएं में गिरी चार साल की बच्ची को बचाने में बच्ची समेत तीन की मौत हो गई। एनडीआरएफ के देरी से आने पर आक्रोशित लोगों ने एडीएम के वाहन को रोककर विरोध जताया। तीन घंटे तक ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। एमएलसी, डीसीपी गोमती ने समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
गुड़िया गांव में प्रमोद कुमार बिंद उर्फ मुन्ना की मां की तेरहवीं थी। शाम 5.30 बजे पड़ोस के रहने वाले प्रदीप कुमार बिंद की बेटी माही (4) खेलते हुए पास में कुएं में गिर गई। बच्ची को बचाने के लिए प्रमोद का बेटा ऋषि कुमार बिंद (24) और ननिहाल में आए ऋषि के ममेरे भाई अदलपुर निवासी रामकेश (24) कुएं में कूद गए। लोगों ने पुलिस और एनडीआरएफ को सूचना दी। साथ ही रस्सी फेंककर उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की। एनडीआरएफ के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने ढाई घंटे के प्रयास के बाद ऋषि को बाहर निकाला। आधे घंटे के बाद रामकेश और माही को भी बाहर निकाला गया। सभी को एंबुलेंस से निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। इस दौरान देरी से पहुंची एनडीआरएफ का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए एडीएम प्रशासन का वाहन गांव में घुसने नहीं दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि एनडीआरएफ समय से पहुंच जाती तो तीनों को बचाया जा सकता था। डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल, भाजपा एमएलसी धर्मेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। साथ ही जिलाधिकारी की संस्तुति पर धर्मेंद्र सिंह ने पीड़ित परिवार को चार-चार लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की। सेवापुरी विधायक प्रतिनिधि अदिती सिंह पटेल भी पहुंचीं। पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने विधायक प्रतिनिधि को बताया कि घटना के ढाई से तीन घंटे बाद भी प्रशासन ने कोई सहयोग नहीं किया।
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जब घर की लक्ष्मी नहीं रही तो सरकारी लाभ लेकर क्या करेंगे
माही के पिता प्रदीप ने डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल से बिना पोस्टमार्टम के बच्ची के अंतिम संस्कार की मांग की। प्रदीप ने कहा कि साहब हमें कोई सरकारी लाभ नहीं चाहिए। जब हमारे घर की लक्ष्मी ही नहीं रही तो हम सरकारी लाभ लेकर क्या करेंगे। उधर, बेटी का शव देखते ही मां समेत अन्य सदस्य बेसुध हो गए।
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दादी की तेरहवीं पर पोते की मौत, बिलख पड़े परिजन
ननिहाल में पहुंचे रामकेश के परिजन भी अदलपुरा से पहुंच गए। रामकेश की चार बेटियां हैं। वहीं, दादी की तेरहवीं में पोते ऋषि की मौत से पिता प्रमोद और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। चार भाई-बहनों में ऋषि सबसे बड़ा था। डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल ने बताया कि परिजनों को समझा बुझाकर शव कब्जे में ले लिया गया है।
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