Varanasi: एक साल के मासूम की किडनी से निकली 1.6 सेमी की दो पथरी, बीएचयू में 10 हजार से भी कम खर्च में सर्जरी
बीएचयू अस्पताल के डाक्टरों ने सर्जरी कर मासूम की किडनी से 1.6 सेंटीमीटर की पथरी निकाल उसे नया जीवन दिया है। मासूम बिल्कुल स्वस्थ्य है और उसे अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई है। खास बात यह है कि सर्जरी में 10 हजार रुपये से भी कम खर्च हुए।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल के डाक्टरों ने सर्जरी कर एक साल के बच्चे की किडनी से 1.6 सेंटीमीटर की पथरी निकाल उसे नया जीवन दिया है। इतने छोटे बच्चे का ऑपरेशन करने से कई अस्पतालों ने मना कर दिया था। बीएचयू अस्पताल में छोटे बच्चे का दूरबीन विधि से पूर्वांचल का यह पहला सफल ऑपरेशन है। बच्चा बिल्कुल स्वस्थ्य है और उसे अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई है। खास बात यह है कि सर्जरी में 10 हजार रुपये से भी कम खर्च हुए।
प्रयागराज के मेजा स्थित ग्राम कुवरपट्टी निवासी पंकज मिश्रा के एक वर्षीय पुत्र के किडनी में पथरी का पता तब चला जब वो पेशाब करने में काफी रोया करता था। कई अस्पतालों से निराश होकर पंकज अपने बेटे को लेकर बीएचयू अस्पताल पहुंचे। यहां डॉ. ललित कुमार अग्रवाल के अधीन यूरोलॉजी वार्ड में बच्चे को भर्ती कराया गया।
दूरबीन विधि से सर्जरी, मात्र पांच एमएम का छेद
बच्चे का वजन 7.5 किलोग्राम था। जांच में पता चला के एक साल के बच्चे के दोनों किडनी में 1.6 सेंटीमीटर की पथरी है। चार अक्टूबर को दूरबीन विधि 5 मिलीमीटर के छेद द्वारा लेफ्टसाइड मिनी-पीसीएनएल किया गया। थ्यूलियम फाइबर लेजर की मदद से पथरी को पूरी तरह से तोड़कर निकाल दिया गया।
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डॉ. ललित ने बताया कि सर्जरी सफल रही और तीन दिन बाद बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सर्जरी के बाद बच्चे के माता-पिता काफी खुश हैं क्योंकि कई अस्पतालों से निराश थे। डॉ. ललित ने यह भी बताया कि पूर्वांचल में पहली बार इतने छोटे बच्चे की दूरबीन विधि से यह सर्जरी न्यूनतम 10000 रुपये से भी कम खर्च पर की गई है।