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नदेसर रामलीला समिति को लेकर दो गुट आमने-सामने, प्रशासन की भूमिका पर सवाल

Mon, 21 Aug 2017 12:58 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 21 Aug 2017 12:58 AM IST
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two groups clasesh for nadesar ramlila committee
रामलीला में सजा राम दरबार। - फोटो : file photo
नदेसर रामलीला समिति को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए हैं। एक गुट ने आने वाले दिनों में रामलीला के मंचन का कार्यक्रम जारी कर दिया है, जबकि लगातार रामलीला का मंचन कराने वाली समिति इसके लिए अभी प्रशासनिक आदेश का इंतजार कर रही है।
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मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। समिति के पदाधिकारियों के पत्र पर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर जिला प्रशासन पिछले दिनों हरकत में आया था लेकिन अभी तक लीला स्थल पर किया गया अवैध कब्जा नहीं हट सका है।
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मामले को लेकर रविवार को समिति के संगठन मंत्री नंदलाल यादव के साथ सदस्यों ने राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी से मुलाकात की।
 श्रीनदेसर रामलीला समिति के दोनों गुटों में एक के लेटरपैड पर संरक्षक संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्रा और काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ. कुलपति तिवारी के नाम हैं।
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दूसरे गुट के मुख्य संरक्षक सुरेश नाथ तिवारी और संरक्षक भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल हैं। यादव ने बताया कि समिति की ओर से जिला प्रशासन को रामलीला कराने के लिए जो अनुमति मांगी गई थी, उसमें एलआईयू, कैंट पुलिस की रिपोर्ट के बाद भी एसीएम चतुर्थ ने अनुमति नहीं दी है।

यादव का कहना है समानांतर समिति वही है, जिसे तत्कालीन एसीएम चतुर्थ ने 24 सितंबर 2016 को रामलीला कराने की अनुमति नहीं देने का निर्देश दिया था।
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