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सजा: गैर इरादतन हत्या के मामले में दो दोषियों को 10-10 साल की कैद, धोखाधड़ी के आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त

Sat, 12 Oct 2024 09:39 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 12 Oct 2024 09:39 AM IST
सार

जमीन के विवाद में हत्या के मामले में दो दोषियों को 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है। वहीं धोखाधड़ी के आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त की गई है। 

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Two accused sentenced to 10 years imprisonment in murder case bail plea of fraud accused rejected
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI

विस्तार

जमीन के बंटवारे को लेकर पट्टीदार की लाठी-डंडे से पीटकर गैर इरादतन हत्या के मामले में जिला जज संजीव पांडेय की अदालत ने खरगपुर, फूलपुर निवासी मोहन व चिंतावनपुर निवासी उसकी पत्नी के भाई विनोद को दोषी पाया है। अदालत ने दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार खरगपुर, फूलपुर निवासी रामलाल राजभर ने 12 मई 2009 को फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके पिता झांझौर तिराहे पर स्थित दुकान पर चाय पीने जा रहे थे। उसी दौरान मकान व जमीन बंटवारे की रंजिश को लेकर उसके बड़े पिता का लड़का मोहन व उसकी पत्नी का भाई विनोद अपने दो अज्ञात साथियों के साथ उसके पिता को जान से मारने की नियत से लाठी-डंडे से पीटने लगे। 
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पिता की चीख सुन कर समीप में खेत में पानी भर रहा वादी और उसका भाई श्यामलाल दौड़े तो हमलावर भागने लगे। वह अपने पिता को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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धोखाधड़ी के आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त

कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने का प्रलोभन देकर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये हड़पने के मामले में अपर जिला जज (चतुर्दश) अभय कृष्ण तिवारी की अदालत ने दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपियों में आगरा जिले के हरि पर्वत थाना क्षेत्र के गणेश नगर, लायर कॉलोनी निवासी हरि सिंह और कोलकाता के बेली गुंगे निवासी विनय सिंह शामिल हैं।

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि पिनकप ग्रुप ऑफ कंपनी का सिगरा क्षेत्र में मंडलीय व शाखा कार्यालय था। इस कंपनी का मुख्य कार्यालय कोलकाता था। दिल्ली, जयपुर और आगरा समेत दूसरे शहरों में इसके कार्यालय थे। कंपनी में संतोष यादव और अन्य बतौर निवेशक व एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। इन लोगों ने कंपनी की योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी देकर उनसे अच्छी खासी रकम का निवेश कराया। बाद में निवेशकों की रकम लेकर आरोपी भाग गए। दोनों आरोपी वर्ष 2017 से जेल में निरुद्ध हैं।
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