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Tuberculosis: टीबी को मात देकर बने चैंपियन, अब कर रहे जागरूक , वाराणसी में स्वास्थ्य विभाग की नई पहल
Thu, 23 Jun 2022 04:59 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 23 Jun 2022 04:59 PM IST
सार
वाराणसी जिले में क्षय रोग निवारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता की नई पहल की गई है। इसके तहत विशेष पोस्टर तैयार कराया गया है।
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क्षय रोग निवारण को लेकर पोस्टर चस्पा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी जिले में क्षय रोग निवारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता की नई पहल की गई है। इसके तहत विशेष पोस्टर तैयार कराया गया है। इसमें संदेश लिखने के साथ ही टीबी चैंपियन का नंबर भी लिखा है। जिससे कि कोई भी टीबी की बीमारी से जुड़ी जानकारी ले सके।
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टीबी चैंपियन सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों सहित अन्य जगहों पर पोस्टर चस्पा कर रहे हैं। वर्ष 2025 तक देश को क्षय रोग मुक्त करने का लक्ष्य सरकार ने रखा है। जिले में 13 टीबी चैंपियन बनाए गए हैं। ये चैंपियन क्षय रोग से ग्रसित मरीजों का उनके उपचार में सहयोग कर रहे हैं।
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टीबी चैंपियन को दिया गया प्रशिक्षण
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि पोस्टर में संदेश लिखा है कि ‘जंग तो जीती टीबी से, कुछ खो के हमने पाया है। बनके टीबी चैपियंस, अब मदद का जज्बा जागा है।' सभी टीबी चैंपियन को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे टीबी मरीजों के उपचार व सहयोग के साथ-साथ चैंपियन व्यवहार परिवर्तन कर सकें। कहा कि टीबी का इलाज संभव है, सही समय पर इसका उपचार करवाया जाए और समय से दवाइयों का सेवन किया जाए तो क्षय रोगी आसानी से स्वस्थ हो सकते हैं।
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अब भी टीबी को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां हैं। इन भ्रांतियों को दूर करने और क्षय रोगियों का मनोबल बढ़ाने के लिए जनपद में टीबी चैंपियन अपना अनुभव साझा कर रहे हैं। टीबी चैंपियन धनंजय कुमार ने बताया कि खुद को टीबी होने के बाद उन्होंने नियमित और पूरी दवा का सेवन करने के साथ ही पोषण युक्त खानपान से टीबी को मात दी। अब टीबी मरीजों की मदद भी कर रहे हैं।