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तीन तलाक : 16 बरस की उम्र में शादी, 18 वें में ही हो गया था तलाक

Wed, 23 Aug 2017 05:26 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 23 Aug 2017 05:26 PM IST
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Triple Talaq Varanasi girl Married at the age of 16 divorced in 18th only
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जश्न मनाते लोग और शाहिदा परवीन - फोटो : अमर उजाला

16 बरस की उम्र में शादी और दो साल बाद 18 साल की उम्र में तलाक हो गया। लल्लापुरा की शाहिदा परवीन की जिंदगी इसके बाद एक अजाब बनकर ही रह गई थी।

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ससुराल में मिलने वाली दुश्वारियों के बावजूद वो अपनी शादी को बचाना चाहती थी लेकिन शौहर राजी नहीं हुआ और उसने उसे तीन तलाक दे दिया। एक औलाद के साथ जिंदगी काटनी आसान तो नहीं थी लेकिन शाहिदा ने खुद को मजबूत बनाया।

जब उसकी शादी हुई थी तब वो सिर्फ आठवीं पास थी। मायके से उसने फिर से अपनी पढ़ाई शुरू की। पहले हाईस्कूल, फिर इंटरमीडिएट और उसके बाद ग्रेजुएशन। इसी दौरान उन्होंने टीचिंग कर पैसा कमाना भी शुरू किया।
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इसके बाद उन्होंने एमए किया और फिर बीएड भी। कुछ दिन पहले तक वो प्रधानमंत्री कौशल योजना से जुड़कर एक प्रोजेक्ट पर काम कर रही थीं। उन्होंने अपने बेटे को पढ़ा लिखाकर उसे पैरों पर खड़ा किया। आईटीआई करके आज वो नौकरी कर रहा है।
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इसी तरह साकेत नगर की शहजादी भी दस साल से तलाक का दंश झेल रही हैं। 12 साल पहले उनकी शादी यहां हुई थी। एक दिन किसी बात पर शौहर से बहस हुई और उन्होंने उसका जवाब दे दिया। शौहर को ये बात इतनी नागवार गुजरी की कि उन्हें घर से निकाल दिया।

शौहर जब उसे रखने को राजी नहीं हुआ तो वो कोर्ट चली गईं लेकिन बाद में थक हार कर उन्होंने कोर्ट कचहरी का चक्कर भी छोड़ दिया। दो बेटियां थीं, उन्हें पालने पोसने के लिए उन्होंने घर घर जाकर काम करना शुरू किया। बेटियां आज अच्छे स्कूल में पढ़ रही हैं।


उनका कहना है कि तलाक ने उनकी जिंदगी बरबाद करके छोड़ दी। वहीं शाहिदा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला काबिल-ए-तारीफ है लेकिन चूंकि ये मसला पूरी तरह से मजहबी है, इसलिए ऐसे मामलेे में हमारे उलेमा को आगे आना चाहिए था। ये हमारी कमजोरी थी कि ये मुद्दा सड़क पर आया और आज कोर्ट इस पर फैसला ले रही है।

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