विश्व स्तर पर तीसरा स्थान: IIT BHU के छात्रों ने असेंबल की बेहद हल्की ई-कार, मेक इन इंडिया की झलक
आईआईटी बीएचयू की टीम ने इको मैराथन में विश्व स्तर पर तीसरा और एशिया-प्रशांत और मध्य-पूर्व में पहला स्थान प्राप्त किया। आईआईटी बीएचयू छात्रों की टीम अवरेरा ने कार्बन फाइबर से बेहद हल्की कार तैयार की है।
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एक यूनिट बिजली में 200 किलोमीटर तक जाने वाली आईआईटी बीएचयू के छात्रों की इलेक्ट्रिक कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगी। कार्बन फाइबर से बेहद हल्की कार तैयार करने वाले छात्रों ने इसे डिजाइन करने के साथ ही असेंबल भी किया है। कंप्यूटर सिमुलेशन के आधार पर माइलेज भी चेक किया गया। एक बार फिर से शैल इको मैराथन में कार बनाने वाली छात्रों की टीम अवरेरा ने जीत दर्ज की है।
आईआईटी बीएचयू की टीम ने इको मैराथन में विश्व स्तर पर तीसरा और एशिया-प्रशांत और मध्य-पूर्व में पहला स्थान प्राप्त किया। शेल इको-मैराथन एक वैश्विक प्रतियोगिता है जिसमें दुनिया भर के अग्रणी छात्र इंजीनियरिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं। 35 साल से हो रही प्रतियोगिता में इस साल 37 देशों की 157 टीमों ने भाग लिया।
मोटर को छोड़कर बाकी सभी उपकरण छात्रों ने बनाई
आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने आईआईटी (बीएचयू) और देश को गौरवान्वित करने के लिए टीम को बधाई दी। बताया कि अवरेरा द्वारा निर्मित इलेक्ट्रिक वैन कार्बन फाइबर से बनी है और बेहद हल्की है। मोटर को छोड़कर, आईआईटी के आईसी इंजन लैब में छात्रों द्वारा वैन के सभी प्रमुख उपकरणों को बनाया गया है।
जीत दर्ज करने वाली टीम को शैल से 3.80 लाख रुपये की राशि भी मिलेगी। अब टीम इंडोनेशिया के लैंबोक में अक्तूबर में होने वाले शेल इको-मैराथन के ऑन-ट्रैक इवेंट की तैयारी कर रही है।
टीम अवरेरा में शामिल हैं ये छात्र
टीम अवरेरा में अथर्व जमशांडेकर, जयनील सेठ, नचिकेता, नैतिक सिंह, प्रणव सुरेश, प्रतीक, प्रतीक अग्रवाल, प्रथमेश अधव, राहुल गोयल, सारा गुप्ता, शुभ खंडेलवाल, सिद्धांत दाश, स्वीकर राजेश बंथिया, उत्कर्ष वर्मा, विकास शामिल हैं। गोयत और यश शिम्पी ने परिणाम प्राप्त करने में मदद की।