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18 घंटे बाद ट्रेनों का संचालन शुरू
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जौनपुर। सुल्तानपुर-वाराणसी रेल प्रखंड पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। श्रीकृष्ण नगर रेलवे स्टेशन से आधा किलोमीटर दूर उदपुर घाटमपुर के पास दुर्घटनास्थल पर बृहस्पतिवार की रात 2.10 बजे ट्रैक साफ कर दिया गया। इसके लिए 700 कर्मचारी लगाए गए थे। इसके बाद श्री कृष्ण नगर रेलवे स्टेशन के पास 10 किलोमीटर की गति से ट्रेनों को रवाना किया जा रहा है। पहली गाड़ी के तौर पर वाराणसी से सुल्तानपुर की ओर मालगाड़ी रात 3.16 बजे भेजी गई थी।
सुल्तानपुर से मुगलसराय जा रही मालगाड़ी के 22 वैगन बृहस्पतिवार की सुबह 7.54 बजे उदपुर घाटमपुर के पास पलट गए थे। सभी वैगन खाली थे। हादसे के चलते जौनपुर-वाराणसी रेल मार्ग ठप हो गया था। सुल्तानपुर-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन रद्द कर दी गई थी, जबकि 16 ट्रेनों व कई मालगाड़ियों को फैजाबाद या प्रतापगढ़ रूट से भेजा गया। महाप्रबंधक उत्तर रेलवे आशुतोष गंगल और लखनऊ मंडल के डीआरएम सुरेश कुमार सपरा मौके पर पहुंच गए थे। हादसे के बाद आनन-फानन में आसपास के जिलों में तैनात रेलवे के सभी कर्मचारी बुला लिए गए थे। कर्मचारी सुबह नौ बजे से कार्य में जुटे थे। कर्मचारियों ने मशीनों की मदद से पटरी, बिजली के तार, टेलीफोन लाइन और पटरी के आसपास गिरे मालगाड़ी के 22 वैगन को हटाया। रात 2.10 बजे ट्रैक खाली होने के बाद 500 कर्मचारियों को विशेष ट्रेन से भेज दिया गया। इनमें इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, टेलीफोन, इलेक्ट्रिकल तथा सीएनडब्ल्यू के कर्मचारी शामिल थे, जो मुगलसराय, लखनऊ, वाराणसी, सुल्तानपुर आदि जनपद से बुलाए गए थे। हालांकि 200 कर्मचारी रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे हैं। जबकि सुल्तानपुर-वाराणसी की ओर से आने-जाने वाली सभी ट्रेनों को स्टेशन से लेकर उदपुर घाटपुर के काफी आगे तक 10 किमी प्रति घंटे की गति से गुजारा जा रहा है। रेल पथ निरीक्षक मनोज केशरी ने बताया कि अभी घटनास्थल ऊदपुर घाटमपुर गांव के पास रेल यातायात दस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित है। इसे 110 किलोमीटर प्रति घंटा करने के लिए 200 कर्मचारी काम कर रहे हैं।
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सुल्तानपुर से मुगलसराय जा रही मालगाड़ी के 22 वैगन बृहस्पतिवार की सुबह 7.54 बजे उदपुर घाटमपुर के पास पलट गए थे। सभी वैगन खाली थे। हादसे के चलते जौनपुर-वाराणसी रेल मार्ग ठप हो गया था। सुल्तानपुर-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन रद्द कर दी गई थी, जबकि 16 ट्रेनों व कई मालगाड़ियों को फैजाबाद या प्रतापगढ़ रूट से भेजा गया। महाप्रबंधक उत्तर रेलवे आशुतोष गंगल और लखनऊ मंडल के डीआरएम सुरेश कुमार सपरा मौके पर पहुंच गए थे। हादसे के बाद आनन-फानन में आसपास के जिलों में तैनात रेलवे के सभी कर्मचारी बुला लिए गए थे। कर्मचारी सुबह नौ बजे से कार्य में जुटे थे। कर्मचारियों ने मशीनों की मदद से पटरी, बिजली के तार, टेलीफोन लाइन और पटरी के आसपास गिरे मालगाड़ी के 22 वैगन को हटाया। रात 2.10 बजे ट्रैक खाली होने के बाद 500 कर्मचारियों को विशेष ट्रेन से भेज दिया गया। इनमें इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, टेलीफोन, इलेक्ट्रिकल तथा सीएनडब्ल्यू के कर्मचारी शामिल थे, जो मुगलसराय, लखनऊ, वाराणसी, सुल्तानपुर आदि जनपद से बुलाए गए थे। हालांकि 200 कर्मचारी रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे हैं। जबकि सुल्तानपुर-वाराणसी की ओर से आने-जाने वाली सभी ट्रेनों को स्टेशन से लेकर उदपुर घाटपुर के काफी आगे तक 10 किमी प्रति घंटे की गति से गुजारा जा रहा है। रेल पथ निरीक्षक मनोज केशरी ने बताया कि अभी घटनास्थल ऊदपुर घाटमपुर गांव के पास रेल यातायात दस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित है। इसे 110 किलोमीटर प्रति घंटा करने के लिए 200 कर्मचारी काम कर रहे हैं।
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