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बनारस में लगा ऐसा जाम, 40 मिनट में तय हुई 800 मीटर की दूरी
Sun, 23 Dec 2018 10:16 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: shashikant misra
Updated Sun, 23 Dec 2018 10:16 AM IST
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बनारस में लगा जाम
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बनारस के दौरे पर जितनी बार आए, ध्वस्त यातायात व्यवस्था को लेकर जमकर नाराजगी जताए। मगर, मुख्यमंत्री की नाराजगी से ट्रैफिक पुलिस बेपरवाह बनी हुई है। नतीजतन, शनिवार को मुख्यमंत्री की मौजूदगी के बीच शहर का ऐसा कोई प्रमुख इलाका नहीं बचा था जहां राहगीरों को जाम से जूझना न पड़ा हो।
हालत यह रही कि नदेसर क्षेत्र में वरुणा पुल के समीप ट्रैफिक पुलिस को नाकाम देख सेना के जवानों को मदद के लिए आगे आना पड़ा। वहीं, मंडुवाडीह क्षेत्र में महज 800 मीटर दूरी का सफर तय करने में 40 मिनट का समय लगा। इन हालात में आगामी जनवरी महीने में प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पटरी पर कैसे आएगी, यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
पांडेयपुर ओवरब्रिज से पहड़िया तक सुबह से ही भीषण जाम लगा हुआ था। पांडेयपुर से आजमगढ़ मार्ग पर सीवर का कार्य किए जाने के कारण बसों को काली मंदिर की तरफ मोड़ दिया गया था। इस वजह से वाराणसी-गाजीपुर मार्ग जाम की जद में आ गया।
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आजमगढ़ से आने वाले छोटे-बड़े वाहनों को लालपुर पुलिस चौकी से भक्ति नगर, काली मंदिर की तरफ मोड़ दिया गया था इस वजह से पूरे क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतार लगी रही। हालत यह रही कि पुलिस लाइन से लेकर पांडेयपुर ओवरब्रिज, काली मंदिर और पहड़िया मंडी के आगे तक वाहन जाम में फंसे रहे।
सिपाहियों और होमगार्ड की तैनाती के बावजूद शाम के समय मंडुवाडीह चौराहा से मंडुवाडीह थाने के आगे तक और नेवादा से भिखारीपुर तिराहा हुए ककरमत्ता तक घंटों जाम क्यों लगा रहा, यह किसी को समझ में नहीं आया।
महमूरगंज-रथयात्रा, सिगरा से फातमान होते हुए मलदहिया तक, गोदौलिया से चौक होते हुए मैदागिन, कबीरचौरा, लहुराबीर, नई सड़क, लोहा मंडी, विश्वेश्वरगंज और भोजूबीर सहित शहर के अन्य इलाकों में भी जाम की ऐसी ही स्थिति रही। कोई सड़क के बीचोंबीच बेतरतीब तरीके से रखे गए डिवाइडर को जाम का कारण बना रहा था तो कोई अतिक्रमण और वाहन पार्किंग के व्यवस्था के अभाव को कोसता नजर आया।
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हालत यह रही कि नदेसर क्षेत्र में वरुणा पुल के समीप ट्रैफिक पुलिस को नाकाम देख सेना के जवानों को मदद के लिए आगे आना पड़ा। वहीं, मंडुवाडीह क्षेत्र में महज 800 मीटर दूरी का सफर तय करने में 40 मिनट का समय लगा। इन हालात में आगामी जनवरी महीने में प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पटरी पर कैसे आएगी, यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
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पांडेयपुर ओवरब्रिज से पहड़िया तक सुबह से ही भीषण जाम लगा हुआ था। पांडेयपुर से आजमगढ़ मार्ग पर सीवर का कार्य किए जाने के कारण बसों को काली मंदिर की तरफ मोड़ दिया गया था। इस वजह से वाराणसी-गाजीपुर मार्ग जाम की जद में आ गया।
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आजमगढ़ से आने वाले छोटे-बड़े वाहनों को लालपुर पुलिस चौकी से भक्ति नगर, काली मंदिर की तरफ मोड़ दिया गया था इस वजह से पूरे क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतार लगी रही। हालत यह रही कि पुलिस लाइन से लेकर पांडेयपुर ओवरब्रिज, काली मंदिर और पहड़िया मंडी के आगे तक वाहन जाम में फंसे रहे।
सिपाहियों और होमगार्ड की तैनाती के बावजूद शाम के समय मंडुवाडीह चौराहा से मंडुवाडीह थाने के आगे तक और नेवादा से भिखारीपुर तिराहा हुए ककरमत्ता तक घंटों जाम क्यों लगा रहा, यह किसी को समझ में नहीं आया।
महमूरगंज-रथयात्रा, सिगरा से फातमान होते हुए मलदहिया तक, गोदौलिया से चौक होते हुए मैदागिन, कबीरचौरा, लहुराबीर, नई सड़क, लोहा मंडी, विश्वेश्वरगंज और भोजूबीर सहित शहर के अन्य इलाकों में भी जाम की ऐसी ही स्थिति रही। कोई सड़क के बीचोंबीच बेतरतीब तरीके से रखे गए डिवाइडर को जाम का कारण बना रहा था तो कोई अतिक्रमण और वाहन पार्किंग के व्यवस्था के अभाव को कोसता नजर आया।
पुलिस, सिग्नल और वनवे के बीच रथयात्रा से सिगरा तक जाम
जाम में खड़े वाहन
- फोटो : amar ujala
रथयात्रा चौराहा पर ट्रैफिक पुलिस के छह से अधिक सिपाहियों की तैनाती, सिग्नल, चौड़ी सड़क और वनवे व्यवस्था के बावजूद यातायात व्यवस्था का हाल ठीक नहीं है। ऐसा क्यों है और समस्या का स्थायी समाधान कब तक होगा, इसका जवाब ट्रैफिक पुलिस के पास नहीं है।
रथयात्रा चौराहा से सिगरा चौराहा तक सड़क की दोनों लेन पर सुबह 10 से 11 बजे तक, दोपहर में और शाम से देर शाम तक रोजाना जाम लगता है। इसके चलते रथयात्रा से कमच्छा मार्ग और गुरुबाग की ओर जाने वाले रास्ते पर भी वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है। रथयात्रा चौराहा और आसपास के क्षेत्र में सड़क पर अतिक्रमण की समस्या भी गंभीर नहीं है।
यह जरूर है कि सड़क और पटरी पर वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े नजर आ जाते हैं। रथयात्रा क्षेत्र के मेडिकल स्टोर संचालक सुशील गुप्ता समस्या के समाधान के बारे में कहते हैं कि ट्रैफिक पुलिस के सिपाहियों को यातायात संचालन संबंधी बेहतर प्रशिक्षण की जरूरत है।
वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात का संचालन करना होगा। यातायात पुलिस का लक्ष्य चालान काटने से ज्यादा व्यवस्था को बनाने पर होना चाहिए। वहीं, मोबाइल शॉप संचालक राम कुमार ने कहा कि यह तय करना होगा कि किस मार्ग पर टोटो और ऑटो चलें।
एक ही मार्ग पर एसयूवी, ऑटो, टोटो और रिक्शा जब साथ चलते हैं तो सभी की स्पीड अलग-अलग होती है और कई बार यह जाम का कारण बनती है। इसके साथ ही अतिक्रमण को लेकर सख्ती बरतनी होगी और वाहन पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी।
रथयात्रा चौराहा से सिगरा चौराहा तक सड़क की दोनों लेन पर सुबह 10 से 11 बजे तक, दोपहर में और शाम से देर शाम तक रोजाना जाम लगता है। इसके चलते रथयात्रा से कमच्छा मार्ग और गुरुबाग की ओर जाने वाले रास्ते पर भी वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है। रथयात्रा चौराहा और आसपास के क्षेत्र में सड़क पर अतिक्रमण की समस्या भी गंभीर नहीं है।
यह जरूर है कि सड़क और पटरी पर वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े नजर आ जाते हैं। रथयात्रा क्षेत्र के मेडिकल स्टोर संचालक सुशील गुप्ता समस्या के समाधान के बारे में कहते हैं कि ट्रैफिक पुलिस के सिपाहियों को यातायात संचालन संबंधी बेहतर प्रशिक्षण की जरूरत है।
वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात का संचालन करना होगा। यातायात पुलिस का लक्ष्य चालान काटने से ज्यादा व्यवस्था को बनाने पर होना चाहिए। वहीं, मोबाइल शॉप संचालक राम कुमार ने कहा कि यह तय करना होगा कि किस मार्ग पर टोटो और ऑटो चलें।
एक ही मार्ग पर एसयूवी, ऑटो, टोटो और रिक्शा जब साथ चलते हैं तो सभी की स्पीड अलग-अलग होती है और कई बार यह जाम का कारण बनती है। इसके साथ ही अतिक्रमण को लेकर सख्ती बरतनी होगी और वाहन पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी।