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Varanasi News : GST आयुक्त के सामने व्यापारियों ने उठाये मुद्दे, ट्रिब्यूनल का नहीं हुआ गठन; हो रहा उत्पीड़न

Fri, 13 Dec 2024 04:11 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 13 Dec 2024 04:11 AM IST
सार

Varanasi News : 

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Traders raised issues front of GST commissioner tribunal not formed harassment happening in varanasi
चेतगंज स्थित जीएसटी कार्यालय में बैठक करते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्टेट जीएसटी के आयुक्त नितिन बंसल के साथ महानगर के व्यापारियों की बैठक गुरुवार को चेतगंज स्थित जीएसटी कार्यालय में हुई। इसमें व्यापारियों ने जीएसटी से जुड़ी समस्याओं को उठाया और अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।

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इस दौरान सुझाव और मांगपत्र भी सौंपा। आयुक्त जीएसटी ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि समस्याओं का समाधान हर स्तर पर किया जाएगा। महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने कहा कि बकाया वसूली व सर्वे के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। महामंत्री अशोक जायसवाल ने कहा कि सात साल बाद भी द्वितीय अपील, ट्रिब्यूनल का गठन नहीं हो सका।
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प्रथम अपील पर ही अपील निस्तारण का दबाव बनाया जा रहा है, जो कि न्याय के खिलाफ है। बकाया धनराशि की वसूली के लिए व्यापारियों के बैंक खाते सीज करना अव्यवहारिक है। तीन माह पूर्व नोटिस जारी करें, ताकि वह कागजात का मिलान कर सके।
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व्यापारियों ने रखी अपनी बात
सन्नी जौहर ने कहा कि बिना किसी नोटिस के रिकवरी के संबंध में व्यापारियों के खाते सीज किये जा रहे हैं। कई मामले ऐसे हैं, जिनमें व्यापारी द्वारा पैसा जमा किया जा चुका है या उसपर कोई मांग शेष नहीं है लेकिन उसके बाद भी कार्रवाई की जा रही है।

घनश्याम जायसवाल ने कहा कि ऑनलाइन रिर्टन दाखिल करने के बाद भी व्यापारियों को हार्डकॉपी के साथ ऑफिस बुलाया जाता है। इस बीच कई बार व्यापारियों को चक्कर लगाना पड़ता है।

अजय गुप्ता ने कहा कि छोटे व मध्यम वर्ग के व्यापारियों के गोदामों में कंप्यूटर व दक्ष कंप्यूटर ऑपरेटर होना संभव नहीं है, जिससे वह गोदामों से माल अपने दुकानों पर मंगवाते समय ईवे-बिल नहीं जेनरेट कर सकते। इसलिए केवल चालान पर 200000 तक के माल के आवागमन की अनुमति देनी चाहिए।

रजनीश कन्नौजिया ने कहा कि ई वे-बिल की समय सीमा के उल्लंघन का अनुपालन व्यापारी पर न थोपा जाए। उदय राज सिंह ने कहा कि मानवीय भूल पर प्रत्येक गलती पर ब्याज और आर्थिक दंड की मात्रा बहुत ज्यादा है। कम टैक्स जमा करने पर अर्थ दंड के स्थान पर सिर्फ ब्याज का प्रावधान होना चाहिए। यदि टैक्स चोरी जान-बूझ कर की गई है तो अर्थ दंड उचित है।

30 दिन में आईटीसी रिफंड का हो प्रावधान
पंकज अग्रवाल ने कहा कि यदि किसी क्रेता व्यापारी के पास जीएसटी पेड का बिल है और उक्त बिल का भुगतान किया जा चुका है, उस पर इनपुट क्रेडिट मिलना चाहिए और यदि विक्रेता द्वारा सरकार को जीएसटी का भुगतान नहीं किया गया तो उस स्थित में विक्रेता को दंडित करना चाहिए। 

डॉ. अंजनी मिश्रा ने कहा कि आईजीएसटी से सीजीएसटी एसजीएसटी के इनपुट क्रेडिट लेने में बहुत कठिनाई है। बहुत से व्यापारियों का इनपुट क्रेडिट न मिलने के कारण वर्किंग कैपिटल समाप्त हो गया है। 30 दिनों में आईटीसी रिफंड करने का प्रावधान बहुत जरूरी है। बैठक में जीएसटी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन डीएन सिंह, मनीष कटारिया, संजय सिंह, दिनेश अग्रवाल, धर्मेंद्र अग्रवाल, दीपक वासवानी, संतोष अग्रहरि, अरुण केसरी आदि रहे।

हार्डकॉपी में जारी हो व्यापारियों को नोटिस
पूर्वांचल उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने भी जीएसटी आयुक्त नितिन बंसल से मुलाकात की। अध्यक्ष अरूण केशरी ने बताया कि जीएसटी कानून के विभिन्न कानूनों में पोर्टल पर नोटिस जारी कर दिया जा रहा है। इसके बाद ईमेल भी किया जा रहा है। व्यापारी अपने कार्यों के चलते मेल को ओवरलुक करते हैं तो उन पर मनमाना टैक्स ब्याज, पेनाल्टी लगाया जाता है। हार्डकॉपी के जरिए व्यापारियों को नोटिस जारी हो।

टैक्स कलेक्शन में तेजी लाने के निर्देश
आयुक्त जीएसटी नितिन बंसल ने जीएसटी एडिशनल कमिश्नर समेत अन्य अधिकारियों संग बैठक की। इस दौरान उन्होंने टैक्स कलेक्शन में तेजी और सचल दल अधिकारियों को निष्पक्ष कार्रवाई को निर्देशित किया।

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