वाराणसी: ग्यारह महीने में पहली बार नहीं मिला कोई कोरोना मरीज, अब तक 377 की हुई मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी में एक समय वो था जब कोरोना नाम से ही लोग डर जाते थे। जिले में एक दिन में 100 से 200 ही नहीं 300 से अधिक मरीज भी मिले हैं। इधर, दिसंबर के पहले सप्ताह से ही संक्रमित मरीजों के मिलने का ग्राफ कुछ कम हुआ है। तब से लेकर अब तक 100 से नीचे ही संख्या रहती थी। इधर, फरवरी में तो 20 से ज्यादा मरीज एक दिन में मिले ही नहीं। इसमें 15 फरवरी को तो नया रिकार्ड ही बन गया है। मार्च 2020 से चल रहे कोरोना काल में अब तक 11 महीने में यह पहला दिन था, जब जिले में कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला। ऐसे में कहा जा सकता है कि अब संक्रमण खत्म होने के कगार पर है।
कोरोना का पहला मरीज 21 मार्च 2020 को मिलने के बाद से एक-एक मरीजों की संख्या बढ़ती गई। स्थिति यह है कि अब तक कुल 21960 मरीज संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें 21546 डिस्चार्ज और 377 की मौत हो चुकी है। अब एक्टिव मरीज भी केवल 37 ही रह गए हैं। इसमें भी अस्पताल में भी केवल चार ही भर्ती हैं। वैसे स्वास्थ्य विभाग के लिए 15 फरवरी का दिन बड़ी राहत भरा रहा, जब अलग-अलग जगहों पर कुल 3347 लोगों की जांच हुई और 2103 की रिपोर्ट मिली, लेकिन सुखद संयोग यहीं रहा कि किसी भी मरीज में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई।
कोरोना काल में इसी वाराणसी में छह अगस्त 2020 को 210 मरीज मिले जबकि सात अगस्त को एक दिन में सर्वाधिक 312 कोरोना के मरीज मिले थे। अब जिस तरह से कोरोना मरीज नहीं मिल रहे हैं, उसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के साथ ही आम लोग भी राहत महसूस कर रहे हैं। इस बीच सोमवार को होम आईसालेशन में चार लोग स्वस्थ हुए जबकि दो लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
एक सप्ताह में मरीजों का आंकड़ा
15 फरवरी एक मरीज नहीं
14 फरवरी 1 मरीज
13 फरवरी 1 मरीज
12 फरवरी 5 मरीज
11 फरवरी 3 मरीज
10 फरवरी 2 मरीज
09 फरवरी 5 मरीज
कोरोना काल में 15 फरवरी का दिन निश्चित ही राहत भरा है, जब कोई भी संक्रमित मरीज नहीं मिला और छह लोगों ने कोरोना की जंग भी जीती है। टीकाकरण भी चल रहा है, ऐसे में लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते रहने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। -डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ