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वाराणसी : मुक्ति कामना के लिए महाश्मशान पर गूंजी नगर वधुओं की घुंघरूओं की झंकार

Mon, 19 Apr 2021 10:17 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 19 Apr 2021 10:17 PM IST
सार

नगरवधुओं ने नम आंखों से बाबा मसान नाथ से लगाई कलंक से मुक्ति की अरज
बाबा महाश्मसान नाथ के तीन दिवसीय शृंगार महोत्सव का हुआ समापन

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To wish for liberation, the chimes of the city brides echoed on the great crematorium in varanasi
वाराणसी में सोमवार को महाश्मशान नाथ के दरबार में नृत्य प्रस्तुत करतीं नगर वधुएं । - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी में महाश्मशान की जलती चिताओं के बीच राग और विराग का अद्भुत संगम हुआ। मणिकर्णिका पर एक तरफ जलती चिताएं तो दूसरी तरफ बाबा मसान नाथ के दरबार में गूंज रही थी घुंघरूओं की झंकार। चैत्र नवरात्र की सप्तमी पर बाबा मसान नाथ के दरबार पर फिर नगर वधुओं ने कलंकित जीवन से मुक्ति की कामना के लिए अरज लगाई।

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सोमवार को महाश्मशान नाथ के तीन दिवसीय शृंगार महोत्सव का समापन हुआ। शाम को पूजन के बाद गणिकाओं ने बाबा की आराधना की। उन्होंने गर्भगृह में दीप जलाकर पूजन किया। उन्होंने जीवन तारने वाली विभूति के रूप में श्मशान की भभूत को सिर माथे लगाया। औघड़ शिव स्वरूप महाश्मशाननाथ से अगले जन्म में प्रभु सेवा का वरदान मांगा। जीवन के अंधकार से छुटकारा पाने की अरजी लगाने के साथ चैती व कजरी की धुन पर नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी।
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एक ओर दर्जनों शव जल रहे थे वहीं दूसरी ओर नगर वधुओं का नृत्य चल रहा था। सजी-धजी नगर वधुओं ने हारमोनियम, ढोलक की थाप पर नृत्य कर महाश्मशान नाथ को श्रद्धा के पुष्प अर्पित किए। भीगी पलकों से वर्तमान जीवन की पीड़ा की अगले किसी जन्म में पुनरावृत्ति न होने की कामना की। सर्व प्रथम बाबा का भजन, दुर्गा दुर्गति नाशिनी..., डिमिग डिमिग डमरू कर बाजे..., डिम डिम तन दिन दिन तू ही तू जग का आधार तू..., ऊं नम: शिवाय..., खेले मसानै में होरी..., दादरा, ठुमरी, चैती की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान कोरोना संक्रमण के कारण आम दर्शकों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा।

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To wish for liberation, the chimes of the city brides echoed on the great crematorium in varanasi
महाश्मशान नाथ के दरबार में नृत्य प्रस्तुत करने से पूर्व दर्शन पूजन करतीं नगर वधु। - फोटो : अमर उजाला

बाबा मसान नाथ को लगा पंचमकार का भोग
बाबा महाश्मसान नाथ के तीन दिवसीय महोत्सव की अंतिम निशा में बाबा को पंचमकार का भोग लगाया गया। तंत्रोक्त विधान से भव्य आरती मंदिर के पुजारी लल्लू महाराज ने उतारी। ऐसी मान्यता है कि बाबा को मनाने के लिये शक्ति ने योगिनी रूप धरा था। बाबा का प्रांगण रजनीगंधा, गुलाब व अन्य सुगंधित फूलों से सजाया गया था। गुलशन कपूर ने बताया कि सैकड़ों साल से चली आ रही परंपरा को कोरोना संक्रमण काल में भी निभाया गया।

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