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काशी की होलीः घाटों से गलियों तक छाया प्रेम का रंग, गूंजता रहा मोदी-मोदी का शोर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 14 Mar 2017 10:01 PM IST
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सिर पर महिलाओं के केश लगाकर सड़कों पर निकले युवा
- फोटो : अमर उजाला
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होली पर काशी में अबीर-गुलाल की आंधी के संग रंगों की बारिश से सड़कें-गलियां रंग गईं। वार्निश, काले-लाल रंग से पुते चेहरे लेकर सड़कों पर सुबह से ही युवकों का रेला निकलने लगा।
तरह-तरह के बाल, फटे और उल्टे वस्त्र पहनकर निकले चाहे बाइक सवार हों या पैदल लोग, सिर्फ मोदी-मोदी का जयकारा लगाते रहे। यह पहला मौका था जब होली पर निकले लोगों की जुबान से जोगीरा अररर...सररर... की जगह सिर्फ मोदी-मोदी का शोर मच रहा था।
मुसलिम बहुल मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, कोयला बाजार, पीलीकोठी में उत्साह से होली खेली गई।
बच्चे-महिलाएं तक रंगों से इस कदर नहाए दिखे कि पहचानना मुश्किल था। दशाश्वमेध में चितरंजन पार्क में डीजे लगाकर युवक फिल्मी गीतों पर ठुमके लगा रहे थे।
कई जगह युवकों के समूह महिलाओं की चोटियां, लाल-काले बाल के साथ साड़ी, सलवार-सूट पहन कर मोदी का मुखौटा लगाए होली खेलने निकले। चेतगंज में होरी खेलैं रघुबीरा अवध में... के बोल पर सैकड़ों युवा एक साथ थिरक रहे थे।
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बेनियाबाग तिराहे पर डीजे पर नाकाबंदी... नाकाबंदी के बोल गूंजते रहे और युवाओं की टोलियां झूमती-थिरकती रहीं।
इसके बीच सड़कों की दोनों पटरियों, छतों से बच्चे-महिलाएं राह चलते लोगों पर रंगों की बौछार कर रहे थे।
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तरह-तरह के बाल, फटे और उल्टे वस्त्र पहनकर निकले चाहे बाइक सवार हों या पैदल लोग, सिर्फ मोदी-मोदी का जयकारा लगाते रहे। यह पहला मौका था जब होली पर निकले लोगों की जुबान से जोगीरा अररर...सररर... की जगह सिर्फ मोदी-मोदी का शोर मच रहा था।
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मुसलिम बहुल मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, कोयला बाजार, पीलीकोठी में उत्साह से होली खेली गई।
बच्चे-महिलाएं तक रंगों से इस कदर नहाए दिखे कि पहचानना मुश्किल था। दशाश्वमेध में चितरंजन पार्क में डीजे लगाकर युवक फिल्मी गीतों पर ठुमके लगा रहे थे।
कई जगह युवकों के समूह महिलाओं की चोटियां, लाल-काले बाल के साथ साड़ी, सलवार-सूट पहन कर मोदी का मुखौटा लगाए होली खेलने निकले। चेतगंज में होरी खेलैं रघुबीरा अवध में... के बोल पर सैकड़ों युवा एक साथ थिरक रहे थे।
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बेनियाबाग तिराहे पर डीजे पर नाकाबंदी... नाकाबंदी के बोल गूंजते रहे और युवाओं की टोलियां झूमती-थिरकती रहीं।
इसके बीच सड़कों की दोनों पटरियों, छतों से बच्चे-महिलाएं राह चलते लोगों पर रंगों की बौछार कर रहे थे।
इधर होती रही दिनभर मस्ती
फटे कपड़ों में पुते चेहरे लेकर निकले
- फोटो : अमर उजाला
गलियों में जगह-जगह बच्चे गुब्बारे और पिचकारी से रंग खेलते रहे। चौक, मैदागिन, रामकटोरा, लहुराबीर की सड़कें दिन के 11 बजे तक खाली हो गई थीं, जबकि नई सड़क, बेनिया, चेतगंज में जमावड़ा लगा रहा। अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट, सोनारपुरा, गोदौलिया, दशाश्वमेध में भी दोपहर तक भीड़ लगी रही।
विशेश्वरगंज, मछोदरी, अर्दली बाजार, कैंट, पांडेयपुर, सिगरा, महमूरगंज, कमच्छा, सोनारपुरा, अस्सी, लंका में उत्साह के साथ लोग रंग खेलते रहे। गंगा तट पर विदेशी युवक-युवतियों ने खूब अबीर-गुलाल उड़ाए और पिचकारी से रंगों की बौछार की।
विशेश्वरगंज, मछोदरी, अर्दली बाजार, कैंट, पांडेयपुर, सिगरा, महमूरगंज, कमच्छा, सोनारपुरा, अस्सी, लंका में उत्साह के साथ लोग रंग खेलते रहे। गंगा तट पर विदेशी युवक-युवतियों ने खूब अबीर-गुलाल उड़ाए और पिचकारी से रंगों की बौछार की।