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‘ठग्स आफ हिंदुस्तान’: आमिर खान सहित तीन के खिलाफ गवाहों ने दिए बयान
Thu, 10 Jan 2019 12:18 AM IST
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न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: utpal utpal
Updated Thu, 10 Jan 2019 12:18 AM IST
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फिल्म ‘ठग्स आफ हिंदुस्तान’ के निर्माता आदित्य चोपड़ा, निर्देशक विजय कृष्णा व अभिनेता आमिर खान के खिलाफ जाति विशेष को अपमानित कर मानहानि करने एवं भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए गवाहों ने बयान दिया। प्रदीप निषाद, बृजेश निषाद व अजीत निषाद ने बुधवार को जौनपुर एसीजेएम पंचम कोर्ट में शपथपत्र के माध्यम से बयान दिया। परिवादी हंसराज चौधरी का तीन जनवरी को बयान हो चुका है।
निषाद जाति के हंसराज चौधरी ने फिल्म ठग्स आफ हिंदुस्तान के निर्माता, निर्देशक व अभिनेता के खिलाफ परिवाद दायर किया था। परिवादी की ओर से उनके अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव, बृजेश सिंह व रवींद्र विक्रम सिंह ने तर्क दिया कि फिल्म अंग्रेजी उपन्यासकार के उपन्यास पर आधारित है जो आजादी के पूर्व आजादी के दीवानों को आतंकवादी ठग आदि कहते थे।
जानबूझकर फिल्म की टीआरपी बढ़ाने, मुनाफा कमाने के लिए दुर्भावनापूर्ण तरीके से फिल्म का ऐसा नाम रखा गया और जाति विशेष को फिल्म में अपमानित किया गया। पूरे निषाद समाज को ठग व फिरंगी की संज्ञा दी गई।
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फिल्म में 1795 की घटना दिखाई गई है। जब एक समूह ब्रिटिश हुकूमत से भारत को स्वतंत्र कराने के लिए लड़ रहा था। फिल्म की कहानी केवल कानपुर जिले की है फिर टाइटल ठग्स आफ हिंदुस्तान रखना फिल्मकारों की दुर्भावना दर्शाता है।
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निषाद जाति के हंसराज चौधरी ने फिल्म ठग्स आफ हिंदुस्तान के निर्माता, निर्देशक व अभिनेता के खिलाफ परिवाद दायर किया था। परिवादी की ओर से उनके अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव, बृजेश सिंह व रवींद्र विक्रम सिंह ने तर्क दिया कि फिल्म अंग्रेजी उपन्यासकार के उपन्यास पर आधारित है जो आजादी के पूर्व आजादी के दीवानों को आतंकवादी ठग आदि कहते थे।
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जानबूझकर फिल्म की टीआरपी बढ़ाने, मुनाफा कमाने के लिए दुर्भावनापूर्ण तरीके से फिल्म का ऐसा नाम रखा गया और जाति विशेष को फिल्म में अपमानित किया गया। पूरे निषाद समाज को ठग व फिरंगी की संज्ञा दी गई।
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फिल्म में 1795 की घटना दिखाई गई है। जब एक समूह ब्रिटिश हुकूमत से भारत को स्वतंत्र कराने के लिए लड़ रहा था। फिल्म की कहानी केवल कानपुर जिले की है फिर टाइटल ठग्स आफ हिंदुस्तान रखना फिल्मकारों की दुर्भावना दर्शाता है।
आमिर खान को फिल्म में फिरंगी मल्लाह से संबोधित किया गया। वह फिरंगी बने हैं। फिल्मकार जानते हैं कि विरोध पर फिल्म ज्यादा चलेगी। विरोध न होने पर लोग निषाद (मल्लाह) को ठग व फिरंगी समझेंगे। फिल्मकारों के इस कृत्य से जातियों में घृणा व वैमनस्य की भावना पैदा हुई।
सौहार्द व देश की एकता व अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। परिवादी व मल्लाह जाति की मानहानि फिल्म के ऐसे नाम व दृश्य के प्रकाशन से हुई। 30 अक्टूबर को परिवादी व गवाहों ने सोशल मीडिया पर फिल्म का ट्रेलर देखा जिसमें मल्लाह जाति को फिरंगी मल्लाह शब्दों से संबोधित कर अपमानित किया गया है एवं भावनाएं आहत हुई।
सौहार्द व देश की एकता व अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। परिवादी व मल्लाह जाति की मानहानि फिल्म के ऐसे नाम व दृश्य के प्रकाशन से हुई। 30 अक्टूबर को परिवादी व गवाहों ने सोशल मीडिया पर फिल्म का ट्रेलर देखा जिसमें मल्लाह जाति को फिरंगी मल्लाह शब्दों से संबोधित कर अपमानित किया गया है एवं भावनाएं आहत हुई।