UP: पुलवामा हमले में शामिल होने का डर दिखाया, वसूले 10 लाख रुपये; ऑनलाइन निवेश के नाम पर 54 लाख की ठगी
Varanasi News: वाराणसी के जैतपुरा थाना क्षेत्र में साइबर अपराध के दो मामले सामने आए। पुलिस ने रपट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलवामा हमले और ऑनलाइन निवेश के नाम पर शातिरों ने लाखों की ठगी की है।
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Varanasi Crime News: जैतपुरा थाना क्षेत्र के कॉटन मिल चौकाघाट स्थित संजय अपार्टमेंट में रहने वाली अल्पना राय चौधरी साइबर ठगी का शिकार हो गईं। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 1 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक शख्स का फोन आया, जिसने खुद को लखनऊ एटीएस इंस्पेक्टर रंजीत बताया।
कॉल पर वीडियो में वह पुलिस की वर्दी पहने दिखाई दे रहा था, जिससे महिला को उस पर भरोसा हो गया। साइबर क्रिमिनल ने महिला को बताया कि उनका नाम कश्मीर के पुलवामा हमले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग में आ रहा है और उनके एचडीएफसी खाते से कथित रूप से सात करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।
उसने दावा किया कि इस रकम में से 70 लाख रुपये यानी 10 प्रतिशत महिला के खाते में गए हैं और इस आधार पर उन पर देशद्रोह का मामला बनता है। डर और भ्रम में पड़ कर अल्पना राय ने चार किश्तों में कुल 10 लाख 5 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। ठग इसके बाद भी फोन करता रहा और सोने-आभूषणों की जानकारी मांगने लगा।
लगातार दबाव और असामान्य सवालों के बाद अल्पना को ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने स्वजनों को जानकारी दी। परिवार की सलाह पर महिला ने पहले साइबर क्राइम में शिकायत की, फिर जैतपुरा थाने में तहरीर देकर केस दर्ज कराया। थानाध्यक्ष बृजेश मिश्रा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और लेनदेन के आधार पर ठगों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर कारोबारी से 54 लाख की ठगी
जैतपुरा थाना क्षेत्र के चौकाघाट स्थित कॉटन मिल निवासी व्यापारी गुलशन ओबेराय को साइबर ठगों ने 45 लाख का चूना लगा दिया। पीड़ित गुलशन ने इस मामले में जैतपुरा थाने में चार नामजद समेत 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। गुलशन ने पुलिस को बताया कि बीते 20 नवंबर को यू ट्यूब पर दिखाए जा रहे ऑनलाइन निवेश और तेजी से मुनाफा देने वाले विज्ञापनों के जरिए उनके साथ 54,23,094 रुपये की ठगी की गई।
गुलशन के मुताबिक निवेश के लिए उन्हें एक ग्रुप से जोड़ा गया, जहां खुद को कंफर एलएलबी का संचालक बताने वाला करण सिंह, आलोक जैन, आयशा कुमार और नारायण गुप्ता समेत कुल 11 व्यक्तियों ने मिलकर चरणबद्ध तरीके से रकम जमा कराई और बाद में संपर्क तोड़ दिया।
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई और साथ ही जैतपुरा थाने में तहरीर दी। एसओ जैतपुरा बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामला दर्ज कर ऑनलाइन लेनदेन, ग्रुप चैट और संबंधित बैंक खातों की जांच की जा रही है।