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काशी विश्वनाथ में अब ड्रेस कोड, पुरुष धोती, महिलाएं पहनेंगी साड़ी

Sun, 12 Jan 2020 10:57 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sun, 12 Jan 2020 10:57 PM IST
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This new rule for the devotees at Kashi Vishwanath Temple on the lines of Mahakal Temple
काशी विश्वनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी काशी विश्वनाथ मंदिर में अब श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू होगा। महाकाल मंदिर की तर्ज पर बाबा के विग्रह को स्पर्श करने के लिए दर्शनार्थियों के लिए धोती (बिना सिला हुआ वस्त्र) पहनना अनिवार्य होगा। महिला श्रद्धालुओं को साड़ी पहनने पर ही विग्रह को स्पर्श करने की अनुमति मिलेगी।

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पैंट, शर्ट, जींस, सूट पहनने वाले श्रद्धालु केवल बाबा के दर्शन कर सकेंगे। बाबा विश्वनाथ का स्पर्श दर्शन मंगला आरती से लेकर मध्याह्न आरती से पहले तक मिलेगा। मकर संक्रांति के बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी। रविवार को कमिश्नरी सभागार में मंदिर प्रशासन और काशी विद्वत परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने की। उन्होंने काशी विद्वत परिषद के सदस्यों के सामने स्पर्श दर्शन की व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रस्ताव रखा।

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विद्वत परिषद के सदस्यों ने उज्जैन स्थित महाकाल ज्योतिर्लिंग, रामेश्वरम और सबरीमाला के मंदिरों का उदाहरण देते हुए कहा कि महाकाल में भस्म आरती के समय विग्रह स्पर्श करने वाले बिना सिला हुआ वस्त्र धारण करते हैं। बाकी श्रद्धालु केवल दर्शन पूजन करते हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भी यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए।

 

 

अर्चकों के लिए भी ड्रेस कोड का सुझाव

विद्वत परिषद ने अर्चकों के लिए भी ड्रेस कोड निर्धारित करने का सुझाव मंदिर प्रशासन को दिया। उन्होंने कहा कि अर्चकों के लिए चौबंदी और बगलबंदी वाली ड्रेस निर्धारित की जाए। इससे भीड़ में भी वह आसानी से पहचाने जा सकेंगे। मंत्री ने विद्वानों के इस प्रस्ताव को जल्द लागू कराने पर सहमति जताई।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को ड्रेस कोड के अनुसार ही स्पर्श दर्शन कराया जाए। बैठक में कमिश्नर दीपक अग्रवाल, सीईओ विशाल सिंह, काशी विद्वत परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. सुखदेव त्रिपाठी, डॉ. रामनारायण द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

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