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बीएचयू अस्पताल में हड़ताल का तीसरा दिन, जूनियर डॉक्टरों ने नहीं चलने दी ओपीडी, मरीजों को भगाया

Fri, 06 Apr 2018 11:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 06 Apr 2018 11:17 PM IST
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Third day strike in BHU hospital and patient in trouble
हड़ताल होने के कारण मरीज व उनके परिजन हुए परेशान - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से हालत बदतर हो गई। वार्डों से ओपीडी तक चिकित्सा इंतजाम ध्वस्त नजर आए। हड़ताली डॉक्टरों ने ओपीडी नहीं चलने दी। मरीजों को सीनियर डॉक्टरों तक पहुंचने ही नहीं दिया और उन्हें ओपीडी के बाहर से ही भगा दिया गया।
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जूनियर डॉक्टरों की खुलेआम मनमानी के चलते अधिकतर विभागों की ओपीडी पर दिन के 11 बजे ही ताले लटक गए। उधर, ट्रॉमा सेंटर की ओपीडी भी प्रभावित हुई। मरीजों ने जूनियर डॉक्टरों के इस बरताव की शिकायत चिकित्सा अधीक्षक से भी की।
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बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन से लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन तक के उच्चाधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। बुधवार से जारी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का कोई हल शुक्रवार को भी नहीं निकल पाया। जूनियर डॉक्टर खुलेआम मनमानी पर उतर आए। ओपीडी तक नहीं चलने दी।
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मरीजों को बाहर से ही भगा दिया। जूनियर डॉक्टरों के विरोध को देखते हुए अधिकतर सीनियर डॉक्टर भी घंटे-आधे घंटे में ही ओपीडी से उठ गए। दूरदराज से इलाज, जांच के लिए आए सैकड़ों मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। वार्डों में भी चिकित्सा सेवा पूरी तरह प्रभावित रही। कई आपरेशन टाल दिए गए।

मरीजों ने बताया कि वह सुबह पर्चा कटाने के बाद जैसे ही ओपीडी हाल में पहुंचे, वहां खड़े जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें भगा दिया। वे गिड़गिड़ाते रहे लेकिन उन्हें ओपीडी में बैठे डॉक्टरों तक पहुंचने नहीं दिया गया। सुबह 11 बजे से पहले ही ओपीडी हाल में सन्नाटा पसर गया।

इस दौरान कुछ मरीजों और तीमारदारों की जूनियर डॉक्टरों से नोकझोंक भी हुई। मरीजों ने इसकी शिकायत चिकित्सा अधीक्षक से की लेकिन अस्पताल प्रशासन मरीजों को कोई राहत नहीं दे पाया। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल और मनमानी के विरोध में शुक्रवार को छात्र सड़क पर उतर आए।

शाम करीब पांच बजे छात्रों ने सिंह द्वार पर धरना देकर मरीजों की परेशानी के लिए जूनियर डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही, अस्पताल प्रशासन की भूमिका की आलोचना की।

पीड़ित छात्र का बयान दर्ज

Third day strike in BHU hospital and patient in trouble
अस्पताल में इंतजार मरीज - फोटो : अमर उजाला
तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। प्रो. मधुकर राय की अध्यक्षता वाली कमेटी ने शुक्रवार दोपहर एलडी गेस्ट हाउस में पीड़ित छात्र आकाश और उसके दो साथियों का बयान दर्ज किया। उस समय ओपीडी में तैनात रहे सुरक्षा गार्डों के भी बयान दर्ज किए गए।

वहीं जूनियर डॉक्टरों की मांगों से सहमति जताते हुए चिकित्सा अधीक्षक ने मानवीयता के आधार पर हड़ताल खत्म करने की अपील की है। इस सिलसिले में कुलपति, आईएमएस निदेशक, चीफ प्राक्टर की मौजूदगी में हुई बैठक का हवाला दिया है। बावजूद इसके जूनियर डॉक्टरों ने देर रात तक हड़ताल समाप्त करने का कोई निर्णय नहीं लिया था।

उधर, जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से लंका थाने में तहरीर दी जा चुकी है लेकिन अब तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने बताया कि डॉक्टरों के साथ हुई बातचीत में सारी मांगों पर बातचीत के बाद वह मान तो गए लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद कॉपी लेने पर अड़े हैं।

अस्पताल प्रशासन ने तो अपना काम कर दिया अब पुलिस की देरी की वजह से ही हड़ताल चल रहा है। मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी गई है।
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