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रंगभरी एकादशी 2026: काशी विश्वनाथ मंदिर और घाटों पर होगा त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा, ड्रोन से की जाएगी निगरानी
Tue, 24 Feb 2026 02:16 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 02:16 PM IST
सार
रंगभरी एकादशी पर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा होगा। काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर गंगा घाटों तक ड्रोन से निगरानी की जाएगी। अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था और मुख्यालय ने रंगभरी एकादशी पर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।
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varanasi police
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, शिवहरी मीणा ने रंगभरी एकादशी की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, आसपास के घाटों व अन्य महत्वपूर्ण, संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, यातायात संचालन, प्रवेश-निकास व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कवरेज, ड्यूटी प्वाइंट, अग्नि सुरक्षा उपाय और आपातकालीन व्यवस्था की समीक्षा की।
पिनाक भवन के मीटिंग हॉल में उच्चस्तरीय समन्वय बैठक में चेकिंग और बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाने, मंदिर परिसर की बाहरी, मध्य एवं आंतरिक परिधि में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाने को कहा। हर घेरे पर प्रभारी अधिकारी नामित किए जाएं, जो सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरी तरह उत्तरदायी होंगे। ड्यूटी प्वाइंट्स का स्पष्ट निर्धारण कर चार्ट जारी किया जाए।
सीसीटीवी, ड्रोन और तकनीकी निगरानी संबंधी निर्देश दिए। कहा कि हर प्रवेश द्वार पर एंटी-सबोटाज टीम जांच करे। प्रवेश बिंदुओं पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर सक्रिय रहे। हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से द्वितीयक जांच की जाए। महिला श्रद्धालुओं की जांच के लिए महिला पुलिस बल की तैनाती की जाए। संदिग्ध वस्तु पाए जाने पर बम निरोधक दस्ते को सूचित किया जाए।
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किसी भी लावारिस वस्तु को बिना जांच न हटाया जाए। सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों को भीड़ में तैनात किया जाए। उनकी रिपोर्टिंग सीधे नामित अधिकारी को होगी। मंदिर के आसपास छतों एवं ऊंचे भवनों पर निगरानी के लिए पुलिस बल की तैनाती की जाए। ड्यूटी में लगे कर्मियों का समय-समय पर रोटेशन किया जाए, ताकि थकान के कारण सतर्कता में कमी न आए।
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पिनाक भवन के मीटिंग हॉल में उच्चस्तरीय समन्वय बैठक में चेकिंग और बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाने, मंदिर परिसर की बाहरी, मध्य एवं आंतरिक परिधि में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाने को कहा। हर घेरे पर प्रभारी अधिकारी नामित किए जाएं, जो सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरी तरह उत्तरदायी होंगे। ड्यूटी प्वाइंट्स का स्पष्ट निर्धारण कर चार्ट जारी किया जाए।
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सीसीटीवी, ड्रोन और तकनीकी निगरानी संबंधी निर्देश दिए। कहा कि हर प्रवेश द्वार पर एंटी-सबोटाज टीम जांच करे। प्रवेश बिंदुओं पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर सक्रिय रहे। हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से द्वितीयक जांच की जाए। महिला श्रद्धालुओं की जांच के लिए महिला पुलिस बल की तैनाती की जाए। संदिग्ध वस्तु पाए जाने पर बम निरोधक दस्ते को सूचित किया जाए।
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किसी भी लावारिस वस्तु को बिना जांच न हटाया जाए। सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों को भीड़ में तैनात किया जाए। उनकी रिपोर्टिंग सीधे नामित अधिकारी को होगी। मंदिर के आसपास छतों एवं ऊंचे भवनों पर निगरानी के लिए पुलिस बल की तैनाती की जाए। ड्यूटी में लगे कर्मियों का समय-समय पर रोटेशन किया जाए, ताकि थकान के कारण सतर्कता में कमी न आए।
वीआईपी के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल जारी किया जाएगा
अपर पुलिस आयुक्त ने कहा कि वीआईपी व विशिष्ट आगंतुकों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए। सामान्य श्रद्धालुओं की व्यवस्था प्रभावित किए बिना आवाजाही सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा व्यवस्था का निरंतर सुपरविजन वरिष्ठ अधिकारियों की ओर किया जाए। भीड़ का पूर्वानुमान लगाकर बैरिकेडिंग योजना लागू की जाए। मुख्य मार्ग, सहायक मार्ग और होल्डिंग एरिया का निर्धारण किया जाए। धक्का-मुक्की की स्थिति पर तत्काल हस्तक्षेप किया जाए। बच्चों के खोने की स्थिति के लिए “मिसिंग पर्सन हेल्प डेस्क” स्थापित की जाए। यातायात डायवर्जन प्लान का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया और लाउडस्पीकर से आमजन को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जाए।
बिना सूचना के किसी मार्ग को परिवर्तित न किया जाए। नो-व्हीकल जोन में किसी भी प्रकार के निजी वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित रखा जाए। नियम उल्लंघन पर चालान व जब्ती की जाए। जनपदों से आने वाले वाहनों के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल किए जाएं। वहां से शटल सेवा या पैदल मार्ग का निर्धारण किया जाए। पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे।
प्रमुख चौराहों, घाटों, मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई जाए। जाम की स्थिति बनने पर तत्काल वैकल्पिक मार्ग सक्रिय किया जाए। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर सुनिश्चित रखा जाए।
साइबर सेल की ओर संवेदनशील कंटेंट की ट्रैकिंग कर स्रोत की पहचान की जाए। आवश्यक होने पर आईटी एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जाए। मीडिया संस्थानों से समन्वय स्थापित कर जिम्मेदार रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए। व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन को चेतावनी दी जाए कि अपुष्ट या भ्रामक संदेश प्रसारित न होने दें।
नियम उल्लंघन पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में लाउडस्पीकर से जनसामान्य को अफवाह से बचने की अपील की जाए। रोज सोशल मीडिया विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जाए। किसी भी अफवाह पर स्थिति में फील्ड बल को अलर्ट किया जाए।
बिना सूचना के किसी मार्ग को परिवर्तित न किया जाए। नो-व्हीकल जोन में किसी भी प्रकार के निजी वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित रखा जाए। नियम उल्लंघन पर चालान व जब्ती की जाए। जनपदों से आने वाले वाहनों के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल किए जाएं। वहां से शटल सेवा या पैदल मार्ग का निर्धारण किया जाए। पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे।
प्रमुख चौराहों, घाटों, मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई जाए। जाम की स्थिति बनने पर तत्काल वैकल्पिक मार्ग सक्रिय किया जाए। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर सुनिश्चित रखा जाए।
साइबर सेल की ओर संवेदनशील कंटेंट की ट्रैकिंग कर स्रोत की पहचान की जाए। आवश्यक होने पर आईटी एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जाए। मीडिया संस्थानों से समन्वय स्थापित कर जिम्मेदार रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए। व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन को चेतावनी दी जाए कि अपुष्ट या भ्रामक संदेश प्रसारित न होने दें।
नियम उल्लंघन पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में लाउडस्पीकर से जनसामान्य को अफवाह से बचने की अपील की जाए। रोज सोशल मीडिया विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जाए। किसी भी अफवाह पर स्थिति में फील्ड बल को अलर्ट किया जाए।