‘कोरोना’ की मार से बीमार है होली का बाजार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पखवारे भर के अंदर होली है। दुकानदारों के माथे पर चिंता की लकीरें खींचनी शुरू हो गई हैं। खास करके रंग और होली से संबंधित खिलौने का व्यापार करने वाले कारोबारियों को समझ नहीं आ रहा है कि कैसे व्यापार करें। चीन में फैले कोरोना वायरस की चपेट में आने से वहां से माल नहीं आ पा रहा है। जिन कारोबारियों के पास पहले का स्टाक बचा है, वह महंगे दरों पर बेच रहे हैं।
हाल यह है कि पिछले साल की तुलना में चायनीज कलर गुब्बारा, कलर फॉग और पिचकारी के दाम दोगुने हो गए हैं। शहर के दालमंडी, नई सड़क, चौक, सिगरा, औरंगाबाद आदि इलाकों में दुकान भी अभी नहीं सजी हैं। पहले एक से डेढ़ माह पूर्व ही होली का बाजार लगना शुरू हो जाता था। यही कारण है कि इस साल बाजार में रंगत भी नहीं देखने को मिल रही।
कोरोना वायरस का सीधा असर बाजार पर पड़ा है। अभी तक माहौल ठीक नहीं हैं। व्यापारियों के अनुसार होली से जुड़ा हुआ यूनिक और आकर्षित करने वाले आइटम दिल्ली में भी नहीं मिल रहे हैं। जिन कारोबारियों के पास माल है भी तो दाम इतना अधिक है कि उतना अपने यहां बनारस में ग्राहक वहन नहीं कर पाएंगे। थोक और फुटकर दोनों के भाव अधिक हो गए हैं।
लिहाजा, इस बार की होली फीकी ही रहने वाली है। विक्रेताओं के अनुसार इस बार चाइना से माल की आवक ठप होने से बाजार में पुराने माल ही नये दाम और डबल रेट पर बेचे जा रहे हैं। चीन निर्मित गुब्बारे का पैकेट 80 रुपये में बिक रहा है। जबकि पिछले साल यही गुब्बारे का पैकेट 40 रुपये था। चाइनीज पिचकारी का थोक रेट 210 रुपये है।
पिछले साल यही 65 रुपये में बिक्री हुआ था। चाइना से आने वाला कलर फॉग 150 रुपये में मिल रहा है, पिछले साल यही 60 से 70 रुपये में मिल रहा था। अबीर-गुलाल के दाम में बहुत तेजी नहीं है। रंग बम, कलर बंदूक, कलर जेल, फॉग कलर, रंगों वाली फुलझड़ी आदि यह आइटम चीन से आते थे। इस बार अब तक एक आइटम तक नहीं आया है।
मोबाइल पार्ट्स के दाम भी बढ़े
चीन से कारोबार ठप होने के कारण मोबाइल पार्ट्स के दाम भी बढ़ गए हैं। शहर की विभिन्न बाजारों में मोबाइल के उपकरण व एसेसरीज की कमी आ गई है। टेंपर्ड ग्लास और मोबाइल कवर आदि की खरीद को लेकर दूरदराज के ग्राहक दालमंडी आदि बाजारों में पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें दाम से समझौता करना पड़ा रहा है। 20 से 30 रुपये में मिलने वाला टेंपर्ड ग्लास 80 से 100 रुपये में बिक रहा है। दालमंडी में मोबाइल उपकरण व एसेसरीज का बड़ा बाजार है। 50 से अधिक मोबाइल की दुकानों पर रोजाना 3 लाख रुपये से अधिक का कारोबार मोबाइल एसेसरीज का होता है। शहर के अन्य इलाकों में भी यही हाल है।
इस बार तो चीन से एक भी माल नहीं आया। हर बार होली पर कुछ नया व आकर्षित करने वाले माल आते थे लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं। पुराने माल ही नए व दोगुना दाम पर दिल्ली में कारोबारी बेच रहे हैं, जिनसे खरीदना पड़ रहा है। -अशोक गोगिया, कारोबारी, सिगरा
होली में इस बार नया कुछ भी नहीं है। पुराने माल को ही खपाया जा रहा है। बड़े कारोबारी खुद महंगे दाम पर होली के आइटम बेच रहे हैं। इसलिए दोगुना दाम पर ग्राहकों को सामान बेचना पड़ जा रहा है। होली बाजार पर कोरोना का असर है। - प्रेम मिश्रा, अध्यक्ष, महानगर उद्योग व्यापार समिति