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Jail News: पूर्वांचल की जेलों में जगह नहीं, हर जगह क्षमता से कई गुना अधिक बंदी, निगरानी करने वाले कम

Mon, 15 May 2023 12:28 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 15 May 2023 12:28 PM IST
सार

पूर्वांचल की जेलों में क्षमता से दोगुना और तीन गुना से अधिक बंदी निरुद्ध हैं। वाराणसी की जिला जेल की क्षमता 747 बंदियों की है लेकिन यहां मौजूदा वक्त में 2285  बंदी निरुद्ध हैं। आजमगढ़, बलिया और जौनपुर समेत अन्य जिलों के जेलों में भी ऐसी ही स्थिति है। 

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There is no space in jails of Purvanchal there are many times more prisoners than capacity
वाराणसी जिला जेल

विस्तार

पूर्वांचल की जेलों में क्षमता से दोगुना और तीन गुना से अधिक बंदी निरुद्ध हैं। बंदियों की तुलना में निगरानी करने वाले कारागार कर्मियों की संख्या काफी कम है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे पूर्वांचल की जेलों के अफसरों और कर्मियों के लिए बड़ी मददगार की भूमिका निभा रहे हैं। इस बीच एक सुधार जरूर यह हुआ है कि जेलों से मोबाइल बरामद होने की घटनाओं में भारी कमी आई है।

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प्रदेश की जेलों में बंद कुख्यात अपराधियों और उनके नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए बीते अप्रैल महीने में पांच आईपीएस अफसरों को निरीक्षण का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। बावजूद जेलों की मूलभूत समस्याएं जस की तस हैं। वाराणसी की जिला जेल की क्षमता 747 बंदियों की है।
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रविवार को जिला जेल में निरुद्ध बंदियों की संख्या 2285 थी। इन बंदियों की निगरानी के लिए 83 बंदीरक्षक तैनात हैं। इस बीच जिला जेल में 60 सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं, ताकि बंदियों की निगरानी में सहूलियत हो। जेलर वीरेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि क्षमता से अधिक बंदियों की निगरानी बड़ी समस्या है। लेकिन, उपलब्ध मानव संसाधन के आधार पर बेहतर तरीके से कामकाज किया जा रहा है।
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जेलों में बंद हैं कुख्यात अपराधी

जौनपुर और भदोही की जेल में तीन गुना से ज्यादा बंदी हैं। जौनपुर की जिला जेल की क्षमता 320 बंदियों की है, लेकिन यहां 1017 बंदी निरुद्ध हैं। श्रमजीवी विस्फोट कांड के आरोपियों से लेकर नक्सली जोनल कमांडर और मुख्तार अंसारी गिरोह का बदमाश भी जौनपुर की जिला जेल में बंद है। इसी तरह से भदोही की जिला जेल की क्षमता 114 बंदियों की है, लेकिन यहां 410 बंदी निरुद्ध हैं।

पांच जिलों में क्षमता से दोगुना ज्यादा बंदी

There is no space in jails of Purvanchal there are many times more prisoners than capacity

बलिया की जिला जेल की क्षमता 339 बंदियों की है, लेकिन यहां 700 बंदी हैं। यहां बीते महीने दो मोबाइल बरामद हुए। बलिया की जेल में जलभराव की समस्या होने से बंदियों को बरसात के दिनों में दूसरी जेलों में स्थानांतरित करना पड़ता है। मिर्जापुर की क्षमता 332 बंदियों की है, मौजूदा समय में यहां 700 बंदी हैं।

आजमगढ़ जिला जिला जेल की क्षमता 1200 बंदियों की है, मौजूदा समय में यहां 1781 बंदी हैं। गाजीपुर जिला जेल की क्षमता 635 बंदियों की है, मौजूदा समय में यहां 1100 बंदी हैं। सोनभद्र जिला जेल की क्षमता 550 बंदियों की है, मौजूदा समय में यहां 1062 बंदी हैं। मऊ जिला जेल की क्षमता 540 बंदियों की है, मौजूदा समय में यहां 782 बंदी हैं।

बंदियों की भीड़ को कम करने के लिए किए जा रहे उपाय

वाराणसी की जिला जेल के जेलर वीरेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि जेलों से बंदियों की भीड़ को कम करने के लिए कुछ विशेष उपाय सरकार और गैर सरकारी संगठनों के स्तर पर किए जा रहे हैं। इनमें से सबसे अहम यह है कि छोटे-मोटे अपराधों में जेल में दाखिल बंदियों के मुकदमों का जल्द निस्तारण कराना है। सजा पूरी करने के बाद जुर्माना न भर पाने के कारण जेलों में निरुद्ध बंदियों की रिहाई भी उसी कवायद का अहम हिस्सा है। इसके अलावा आबादी के बीच बनी पुरानी जेलों को नए स्थान पर शिफ्ट करने की भी शासन स्तर पर कवायद चल रही है।

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