वाराणसी में रोपवे और कमिश्नरी बिल्डिंग: फिर बदली निविदा खुलने की तारीख, अब 16 अप्रैल तक का इंतजार
वाराणसी कैंट से गिरिजाघर तिराहे पर प्रस्तावित रोपवे और कमिश्नरी कंपाउंड में बनने वाली एकीकृत मंडलीय कार्यालय की निविदा खुलने की तारीख एक बार फिर टाल दी गई है।
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वाराणसी शहर के विकास को चार चांद लगाने वाली दो अतिमहत्वपूर्ण परियोजनाएं आदर्श आचार संहिता के चलते धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। कैंट से गिरिजाघर तिराहे पर प्रस्तावित रोपवे और कमिश्नरी कंपाउंड में बनने वाली एकीकृत मंडलीय कार्यालय की निविदा खुलने की तारीख एक बार फिर टाल दी गई है।
दोनों ही परियोजनाओं की निविदा जारी होने के आधा दर्जन बार टेंडर खोलने की तारीख बदली गई। अब इन परियोजनाओं की निविदा खोलने के लिए 16 अप्रैल की तिथि नियत की गई है। दरअसल, शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में कैंट रेलवे स्टेशन से गिरिजाघर तिराहे तक रोपवे संचालन की योजना बनाई गई है।
पीपीपी मोड पर परियोजना में निजी कंपनियों ने नहीं दिखाई रुचि
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर प्रस्तावित इस परियोजना में अब तक निजी कंपनियों ने बहुत रुचि नहीं दिखाई है। हालांकि जनवरी में आचार संहिता लगने के बाद इस संबंध में बहुत काम भी वीडीए की ओर से नहीं किया गया। कुछ ऐसा ही हाल एकीकृत मंडलीय कार्यालय का भी है। इसे भी पीपीपी मॉडल पर तैयार किया जाना है।
वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि दोनों परियोजनाओं की निविदा खोलने की तिथि को 15 दिन के लिए बढ़ाया गया है। अब यह निविदा 16 अप्रैल को खोली जाएगी।
ड्राफ्ट महायोजना पर आपत्ति सुझाव 15 अप्रैल तक
वीडीए की ओर से महायोजना 2031 के लिए आपत्तियां और सुझाव प्राप्त किए जाने की अंतिम तारीख 31 मार्च तक थी। बृहस्पतिवार को समयसीमा पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार को बिल्डर एसोसिएशन के साथ वीडीए उपाध्यक्ष की बैठक में 15 दिन की समयसीमा बढ़ाने पर सहमति बनी। वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि ड्राफ्ट महायोजना पर आपत्ति और सुझाव 15 अप्रैल तक दिए जा जा सकते हैं।