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पांच साल पहले पूरा होना था काम, 12 बार बढ़ी डेट, फिर भी अधूरा
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वाराणसी। पांच साल पहले जिस शाही नाले की सफाई का काम पूरा होना था, वो अभी भी अधूरा है। अब तक काम की समय सीमा 12 बार बढ़ाई जा चुकी है। अब जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जलकल विभाग को बीस दिन में काम खत्म करने का अल्टीमेटम दिया है। जिस तरह से काम चल रहा है, ऐसे में बीस दिन के भीतर उसे खत्म कर पाना अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती होगी।
शहर की सीवर संबंधी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से ही शाही नाले का निर्माण हो रहा है। नाले की सफाई कार्य पर अब तक करीब 100 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की देखरेख में जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी(जायका) इस काम को कर रही है। नियमानुसार इस काम को 2016 में ही पूरा हो जाना था लेकिन अब तक 12 बार तिथि बढ़ाने के बाद भी कई जगहों पर काम अधूरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अल्टीमेटम से अधिकारी भी परेशान हैं कि आखिर इस तिथि तक कैसे काम को पूरा कराया जाए। यहां बता दें शाही नाले का निर्माण कार्य का ठेका श्रीराम कंपनी को मिला था लेकिन अफसरों की लापरवाही की वजह से उसने दूसरी कंपनी को सौंप दिया। अब इन कंपनियों के पास धन की कमी की वजह से काम भी प्रभावित हुआ है।
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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जलकल विभाग को तय समय के भीतर काम पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। समय-समय पर इसकी मानीटरिंग भी की जाएगी। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।-दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त
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शहर की सीवर संबंधी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से ही शाही नाले का निर्माण हो रहा है। नाले की सफाई कार्य पर अब तक करीब 100 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की देखरेख में जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी(जायका) इस काम को कर रही है। नियमानुसार इस काम को 2016 में ही पूरा हो जाना था लेकिन अब तक 12 बार तिथि बढ़ाने के बाद भी कई जगहों पर काम अधूरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अल्टीमेटम से अधिकारी भी परेशान हैं कि आखिर इस तिथि तक कैसे काम को पूरा कराया जाए। यहां बता दें शाही नाले का निर्माण कार्य का ठेका श्रीराम कंपनी को मिला था लेकिन अफसरों की लापरवाही की वजह से उसने दूसरी कंपनी को सौंप दिया। अब इन कंपनियों के पास धन की कमी की वजह से काम भी प्रभावित हुआ है।
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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जलकल विभाग को तय समय के भीतर काम पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। समय-समय पर इसकी मानीटरिंग भी की जाएगी। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।-दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त
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