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जमीन अधिग्रहण के सदमे में किसान की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Mon, 22 Jun 2015 01:59 AM IST
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वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग (एनएच 32) पर फोर लेन बाईपास के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई से सदमे में आए गोला गांव निवासी किसान कन्हैया सिंह की मौत हो गई। शनिवार को ही उनकी जमीन की नपाई हुई थी। उनकी दो बीघा जमीन और घर का अधिग्रहण सड़क के लिए किया जाना है। परिवारवालों का कहना है कि नपाई के बाद से ही वह गहरे सदमे में थे। हालांकि पुलिस में कोई शिकायत नहीं की गई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 32 पर वाराणसी से आजमगढ़ तक की सड़क चार लेन की होने जा रही है। नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) इसके लिए सर्वे कर रही है। चोलापुर बाजार से पहले गोला गांव से फोरलेन बाईपास को गुजारने की योजना है। यह बाईपास रोड तेवर, सहड़ी, लश्करपुर और जगदीशपुर होते हुए धरसौना में मुख्य सड़क से मिलेगी। इसके लिए इन गांवों के सैकड़ों किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
एनएचएआई के अधिकारी शनिवार को बाईपास के लिए जमीन नापने गए थे। नापी के दौरान अधिकारियों ने गोला निवासी किसान कन्हैया सिंह (65) को बताया कि उनकी दो बीघा जमीन और घर भी सड़क की जद में आ रहे हैं, जिसका अधिग्रहण उचित मुआवजा देकर किया जाएगा। कन्हैया सिंह फारेस्ट रेंजर थे। सेवानिवृत्ति के बाद से वह अपनी पुश्तैनी जमीन पर खेती-बाड़ी कर जीवनयापन कर रहे थे। परिवारवालों और ग्रामीणों ने बताया कि आधी जमीन सड़क में चली जाने की बात सुनने के बाद से वह परेशान थे।
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शाम सात बजे उनके सीने में तेज दर्द शुरू हुआ। परिवार के लोग उन्हें आननफानन बीएचयू ले गए, जहां इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। कन्हैया सिंह के तीन बेटे हैं। बड़े बेटे बबलू सिंह का कहना है कि पिता जमीन अधिग्रहण की बात सुनकर बेहद परेशान थे। सदमे से ही उनकी मौत हुई। एसओ चोलापुर पवन उपाध्याय का कहना है कि पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 32 पर वाराणसी से आजमगढ़ तक की सड़क चार लेन की होने जा रही है। नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) इसके लिए सर्वे कर रही है। चोलापुर बाजार से पहले गोला गांव से फोरलेन बाईपास को गुजारने की योजना है। यह बाईपास रोड तेवर, सहड़ी, लश्करपुर और जगदीशपुर होते हुए धरसौना में मुख्य सड़क से मिलेगी। इसके लिए इन गांवों के सैकड़ों किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
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एनएचएआई के अधिकारी शनिवार को बाईपास के लिए जमीन नापने गए थे। नापी के दौरान अधिकारियों ने गोला निवासी किसान कन्हैया सिंह (65) को बताया कि उनकी दो बीघा जमीन और घर भी सड़क की जद में आ रहे हैं, जिसका अधिग्रहण उचित मुआवजा देकर किया जाएगा। कन्हैया सिंह फारेस्ट रेंजर थे। सेवानिवृत्ति के बाद से वह अपनी पुश्तैनी जमीन पर खेती-बाड़ी कर जीवनयापन कर रहे थे। परिवारवालों और ग्रामीणों ने बताया कि आधी जमीन सड़क में चली जाने की बात सुनने के बाद से वह परेशान थे।
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शाम सात बजे उनके सीने में तेज दर्द शुरू हुआ। परिवार के लोग उन्हें आननफानन बीएचयू ले गए, जहां इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। कन्हैया सिंह के तीन बेटे हैं। बड़े बेटे बबलू सिंह का कहना है कि पिता जमीन अधिग्रहण की बात सुनकर बेहद परेशान थे। सदमे से ही उनकी मौत हुई। एसओ चोलापुर पवन उपाध्याय का कहना है कि पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई है।