यूपीः पति के झगड़े से आजिज महिला ने डेढ़ साल के बेटे को चाकू घोंप कर मार डाला, थाने पहुंचकर खुद सुनाई अपने जुर्म की दास्तां
महिला का कहना है कि उसका पति से बराबर झगड़ा होता रहता है, जिससे वह गुस्से में आकर अपने बेटे शिवा की चाकू घोंपकर हत्या कर दी।
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यूपी के जौनपुर जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जिले के बसारतपुर इलाके की महिला ने पति के झगड़े से तंग आकर शनिवार को अपने डेढ़ साल के बेटे की चाकू मारकर हत्या कर दी। इसके बाद बक्शा थाने पहुंचकर उसने गुनाह भी कबूल कर लिया। पुलिस ने पति की तहरीर पर हत्या और शव छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया।
बसारतपुर निवासी बंशराज गौतम की पत्नी आरती शनिवार को किसी समय अपने डेढ़ साल के बेटे शिवा को लेकर घर से निकल गई। वहां से करीब पांच किलोमीटर दूर उमरपुर गांव के पास लखनऊ-वाराणसी हाईवे के बगल स्थित झाड़ी में उसने चाकू घोंप कर शिवा की जान ले ली।
पुलिस के मुताबिक, बक्शा थाने में आरती ने बताया कि वारदात के बाद उसने पानी की टंकी के पास हाथों से खून को साफ किया और वहां से थाने के लिए चल पड़ी। शाम करीब चार बजे वह बक्शा थाने के पास पहुंची। उसे टहलता देखकर स्थानीय लोगों ने कारण पूछा तो उसने अपने बेटे की हत्या करने की बात कही। एकबारगी तो किसी को विश्वास ही नहीं हुआ। लेकिन लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस ने महिला से पूछताछ की। फिर उसे लेकर पुलिस घटनास्थल पर गई। वहां हाईवे के किनारे शिवा का खून से लथपथ शव मिला। पुलिस ने महिला की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया।
बक्शा थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पति की तहरीर पर महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण त्रिभुवन सिंह ने बताया कि आरोपी आरती को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरती के अनुसार, उसका पति से बराबर झगड़ा होता है। इससे गुस्से में आकर उसने बेटे शिवा की चाकू से हत्या कर दी।
थाने में सुनाई पूरी कहानी, बोली-अरे मैंने ये सब क्या कर दिया
फिर महिला को हिरासत में लेकर घटना स्थल पर गए तो शव और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक आरती बार-बार यह कह रही थी कि अरे मैंने यह क्या कर दिया। वहीं, थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी महिला पूछताछ के दौरान अपने किए पर बार-बार पछतावा कर रही है। हालांकि उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जिसके लिए दिखाती थी ममता, उसी को मार डाला
बक्शा थाने में आरती अपने पति वंशराज पर आरोप लगा रही थी। वह कह रही थी उसकी और उसके बेटे का इलाज ठीक से नहीं करा रहा था। इसे लेकर वह तनाव में रहती थी। वहीं, उसका पति उसके चरित्र पर लांछन लगाता था। मायके में भी शिकायत करने पर वहां के लोग कहते थे कि जो करना है पति और तुम्हारे ससुराल के ही लोगों को करना है, तुम वहीं, रहो। वह तनाव में रहती थी और गुस्से में आकर यह कदम उठा ली।
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बच्चे की हत्या मनोग्रस्तता में लिया गया निर्णय
जौनपुर। मां द्वारा अपने ही बच्चे की हत्या किया जाना मनोग्रस्तता( मानसिक विकृति) में लिया गया निर्णय है। पूविवि. की मनोचिकित्सक डा. जाह्नवी श्रीवास्तव का कहना है कि इस तरह का मानसिक विकृति ऐसी महिलाओं में आती है, जो शादी से पहले एबार्सन (गर्भपात) करा चुकी होती है। उनके मन में बच्चे की हत्या की बात हमेशा चलती रहती है और उसी दबाव में आकर वह एक दिन अपने बच्चे की हत्या खुद कर डालती है।
इस तरह की सोच जब मन में आती है तो उसे मनोग्रस्तता कहते हैं, और घटना को अंजाम दे देते हैं तो उसे बाध्यता कहते हैं। दोनों बातें एक साथ मिलकर मनोग्रस्तता बाध्यता कहलाती हैं। इस तरह की घटनाएं मनुष्य में मानसिक विकृति के कारण देखने को मिलती हैं। परिवार से सहयोग नहीं मिलने पर भी इस तरह घटनाएं हो जाती है।