कोरोना संक्रमण जैसी महामारी पर नियंत्रण के बाद भविष्य में इस तरह की चुनौतियों से निपटने में कोई असुविधा न हो। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय नए सिरे से रोड मैप बनाने की तैयारी में जुट गया है। इसमें काशी में होने वाले क्षेत्रीय महामारी विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों के सुझावों को भी शामिल किया जाएगा। कोरोना, मिजिल्स रूबेला, सर्वाइकल कैंसर, डेंगू आदि पर नियंत्रण के सुझावों पर जो भी मंथन तीन दिनों में होगा, उसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी जाएगी।
काशी में पहली बार हो रहे क्षेत्रीय महामारी विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर), सेंटर फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी), डब्ल्यूएचओ, यूपी सरकार, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र से जुड़े लोग शामिल हैं। देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही बांग्लादेश, यूएसए, जापान, फिलीपींस से भी विशेषज्ञ महामारी नियंत्रण के बारे में उपचार विधि, जांच, स्क्रीनिंग, टीकाकरण के बारे में प्रशिक्षण दे रहे हैं। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि सम्मेलन में आए सुझावों से न केवल महामारी नियंत्रण में किए जाने वाले प्रयासों में सहायता मिलेगी, बल्कि अन्य देशाें की तकनीक के बारे में प्रतिभागियों को जानने का मौका मिल रहा है। बताया कि तीन दिन के सुझावों की पूरी रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शासन, स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी जाएगी।