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पीएम के जाते ही पुलिस सुस्त, शहर जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 20 Sep 2015 02:38 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के अगले ही दिन ट्रैफिक के सारे प्रबंध ढीले पड़ गए। नतीजा, पूरा शहर जाम की चपेट में आ गया। अनियंत्रित ट्रैफिक के दबाव से मुख्य मार्गों पर जाम लगा तो गलियों में भी निकलने की जगह नहीं बची। कैंट-लहरतारा मार्ग पर लोग आठ घंटे से अधिक जाम से जूझे। वजह, बिना किसी पूर्व सूचना के दिन में सड़क मरम्मत का काम कराया जाना। कमिश्नर के निर्देश के बावजूद पीडब्ल्यूडी ने आम जन को पहले से इसकी कोई सूचना भी नहीं दी। सुबह दस बजे काम शुरू करा दिया गया और फिर कुछ मिनटों में ही पूरी ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई। इससे लहरतारा- मंडुवाडीह और फुलवरिया मार्ग पर भी जाम लग गया।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान साफ-सुथरी और खाली सड़कों पर चाकचौबंद ट्रैफिक इंतजामों के बीच गुजरे शहरवासियों के लिए शनिवार को अचानक सब कुछ बदला दिखा। वीआईपी ड्यूटी से राहत पाई पुलिस अपनी थकान मिटाने में लगी रही। चौराहों पर पुलिसकर्मी न के बराबर थे। इक्का-दुक्का यातायात सिपाही और होमगार्डों के भरोसे पूरी व्यवस्था थी। नतीजा यह हुआ कि अनियंत्रित ट्रैफिक के
दबाव से रथयात्रा चौराहा, गिरजाघर चौराहा, गोदौलिया से चौक, कमच्छा, लंका चौराहा, दुर्गाकुंड, भिखारीपुर तिराहा, सुंदरपुर चौराहा, अंधरापुल, चौकाघाट, पांडेयपुर चौराहा, पहड़िया सहित कई अन्य इलाकों में जाम लग गया। चिलचिलाती धूप में जाम में फंसे राहगीरों को घंटों हांफते रह जाना पड़ा। स्कूली बच्चों को सर्वाधिक परेशानी हुई। जगह-जगह एंबुलेंस भी जाम में फंसी दिखी। सबसे लंबा जाम
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कैंट-लहरतारा मार्ग पर लगा और इसकी वजह बनी, पीडब्ल्यूडी की लापरवाही। कमिश्नर ने निर्देश दिया था कि आम जनता को पहले सूचना दी जाए और सड़क मरम्मत का काम रात में कराया जाए लेकिन बिना कोई सूचना दिए सुबह दस बजे लहरतारा में सड़क मरम्मत शुरू करा दी गई। फिर शाम तक यहां यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। इसके चलते फुलवरिया और लहरतारा-मंडुवाडीह मार्ग की यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त रही।
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शुक्रवार को प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान साफ-सुथरी और खाली सड़कों पर चाकचौबंद ट्रैफिक इंतजामों के बीच गुजरे शहरवासियों के लिए शनिवार को अचानक सब कुछ बदला दिखा। वीआईपी ड्यूटी से राहत पाई पुलिस अपनी थकान मिटाने में लगी रही। चौराहों पर पुलिसकर्मी न के बराबर थे। इक्का-दुक्का यातायात सिपाही और होमगार्डों के भरोसे पूरी व्यवस्था थी। नतीजा यह हुआ कि अनियंत्रित ट्रैफिक के
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दबाव से रथयात्रा चौराहा, गिरजाघर चौराहा, गोदौलिया से चौक, कमच्छा, लंका चौराहा, दुर्गाकुंड, भिखारीपुर तिराहा, सुंदरपुर चौराहा, अंधरापुल, चौकाघाट, पांडेयपुर चौराहा, पहड़िया सहित कई अन्य इलाकों में जाम लग गया। चिलचिलाती धूप में जाम में फंसे राहगीरों को घंटों हांफते रह जाना पड़ा। स्कूली बच्चों को सर्वाधिक परेशानी हुई। जगह-जगह एंबुलेंस भी जाम में फंसी दिखी। सबसे लंबा जाम
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कैंट-लहरतारा मार्ग पर लगा और इसकी वजह बनी, पीडब्ल्यूडी की लापरवाही। कमिश्नर ने निर्देश दिया था कि आम जनता को पहले सूचना दी जाए और सड़क मरम्मत का काम रात में कराया जाए लेकिन बिना कोई सूचना दिए सुबह दस बजे लहरतारा में सड़क मरम्मत शुरू करा दी गई। फिर शाम तक यहां यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। इसके चलते फुलवरिया और लहरतारा-मंडुवाडीह मार्ग की यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त रही।