फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   The parents of 41 thousand children did not get the money even in the bitter cold

कड़ाके की ठंड में भी 41 हजार बच्चों के अभिभावकों को नहीं मिली धनराशि

Sat, 25 Dec 2021 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Dec 2021 12:24 AM IST
विज्ञापन
The parents of 41 thousand children did not get the money even in the bitter cold
डीबीटी के माध्यम से बच्चों तक स्वेटर, यूनिफार्म, जूता की रकम पहुंचाने की व्यवस्था फेल हो गई है। इसको इस रूप में समझा जा सकता है कि छह से आठ डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान में मासूम बच्चों को फटे-पुराने स्वेटर पहनकर स्कूल जाना पड़ रहा है। 41 हजार बच्चों के अभिभावकों को अब तक जरूरी धनराशि भी नहीं मिल सकी है, जबकि 60 हजार से अधिक बच्चों के अभिभावकों ने धनराशि मिलने के बाद भी स्वेटर आदि की खरीद ही नहीं की। इसके चलते बच्चों को ठंड में परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण के कारण वर्ष 2021 में बच्चों को यूनिफार्म, स्वेटर, जूता, मोजा, बैग आदि के लिए प्रति छात्र 1100 रुपये अभिभावकों के खाते में डीबीटी की गई। जिले के 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों में पंजीकृत एक लाख 83 हजार बच्चों में से एक लाख 42 हजार के खाते में पांच नवंबर को रकम भेजी गई, लेकिन एक लाख 25 हजार के खाते में धनराशि पहुंची और 41 हजार बच्चों के अभिभावकों को दूसरे चरण में देने की व्यवस्था की गई, जो अब तक नहीं मिल सकी है। ठंड चरम पर है, लेकिन अब 10 से 20 फीसदी बच्चों के लिए स्वेटर संग अन्य सामानों की खरीद नहीं हो सकी है। बृहस्पतिवार को डीघ के कंपोजिट विद्यालय सीतामढ़ी की पड़ताल की गई तो 50 फीसदी बच्चे बिना स्वेटर के दिखे। अधिकतर स्थानों पर अभिभावकों की लापरवाही तो कुछ कम पैसे के कारण अभी तक अपने बच्चों को स्वेटर की खरीद नहीं कर सके हैं। स्कूल की कक्षा छह की छात्रा प्रियंका, करन सिंह, नंदिनी, गुल्ली कक्षा सात में पढ़ने वाले आकाश, कक्षा आठ की छात्रा पायल, छात्र सूरज सहित पहली कक्षा से आठवीं तक के लगभग सवा सौ बच्चे हाड़ कंपाऊ ठंड में बिना स्वेटर के स्कूल आए थे। प्रधानाध्यापक अजय सिंह ने बताया कि प्राइमरी स्कूल में 381 छात्र-छात्राएं और मिडिल स्कूल में 165 बच्चे पढ़ते हैं। लगभग 30 फीसदी बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में पैसा नहीं पहुंच सका है। जिला समन्वयक कल्पनाथ मिश्रा ने कहा कि कोई सही आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन एक अनुमान के मुताबिक करीब 60 हजार बच्चों के अभिभावकों ने पैसा मिलने के बाद भी स्वेटर नहीं खरीदा है। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह का कहना है कि सभी स्कूलों में एसएमसी की बैठक कराकर स्वेटर आदि की खरीद के निर्देश दिए जा चुके हैं। दूसरे चरण में 41 हजार अभिभावकों की सूची सही कर निदेशालय भेजी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed