फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   The parents had come to Kashi with their son to attain salvation.

Varanasi News: मोक्ष प्राप्ति के लिए बेटे के साथ काशी आए थे माता-पिता

Wed, 12 Aug 2026 01:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 01:18 AM IST
विज्ञापन
The parents had come to Kashi with their son to attain salvation.
मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान था दंपती, कमिश्नरेट पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस से साधा संपर्क
विज्ञापन

माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। महाराष्ट्र के रायगढ़ से मुखर्जी परिवार काशी में मोक्ष प्राप्ति के लिए आया था। गंभीर बीमारी से ग्रसित पिता विशाल मुखर्जी की अंतिम इच्छा थी कि वह काशी में ही दम तोड़े। मां जया मुखर्जी भी मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। पिता की मौत होने के बाद बेटे ईशान मुखर्जी और मां जया मुखर्जी ने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी। परिवार पर काफी कर्ज था और 10 लाख का विशाल ने लोन ले रखा था। होम स्टे में आने के बाद ही कर्मचारियों से उसने पीड़ा व्यक्त की थी। लक्सा पुलिस ने रायगढ़ पुलिस से संपर्क साधा। वाची होम स्टे में सोमवार को सुसाइड करने वाले मां-बेटे, पिता के शव को शिवपुर मोर्च्यूरी में रखा गया है। लक्सा पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी भी रिश्तेदार या परिजन से संपर्क नहीं हो सका है। महाराष्ट्र की रायगढ़ पुलिस को आधार कार्ड समेत अन्य विवरण भेजे गए है।
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान ने बताया कि परिजनों या किसी रिश्तेदार के पहुंचने पर शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। कोई नहीं आता है तो फिर 72 घंटे पूरे होने पर पुलिस पोस्टमार्टम कराएगी। मोक्ष की प्राप्ति समेत अन्य बिंदुओं पर भी पुलिस जांच कर रही है। जांच में समझ में आया कि पिता की पहले मौत हुई और उसके बाद मां-बेटे कमरे पर पहुंचे और जहर खाकर जान दे दी।
विज्ञापन

5 साल में 30 लोगों ने मोक्ष के लिए मौत को लगाया गले
काशी में मोक्ष की प्राप्ति के लिए मुमुक्ष भवन बना हुआ। पिछले पांच साल में दक्षिण भारत समेत महाराष्ट्र के 30 लोगों ने मौत को गले लगाया। कोई फंदे पर लटका तो कोई गंगा में कूदा। परिवार के साथ आए लोगों ने जहर खाकर काशी में जान दी है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में हैदराबाद सिकंदराबाद के सीताफल सब्जी मंडी के रहने वाले सगे भाई-बहन ने कैंट स्टेशन के सामने होटल सिटी इन में नशीली दवाएं खाकर जान दे दी थी। बड़ी बहन की तेरहवीं के दिन ही दोनों ने खौफनाक कदम उठाया। सितंबर 2024 में सोनारपुरा के राम तारक आंध्रा आश्रम में पी लक्ष्मी नारायण, पी लोक विनोक ने फंदे से लटक जान दे दी थी। दोनों वेस्ट गोदावरी के रहने वाले थे। 5 दिसंबर 2025 में दिल्ली के कारोबारी सुरेंद्र केशरी ने दशाश्वमेध घाट से गंगा में छलांग लगाकर जान दे दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article