स्वास्थ्य: यूपी हेल्थ रैंकिंग में वाराणसी को मिला 0.81 स्कोर, टीकाकरण समेत कई वर्गों में बेहतर; देखें आंकड़े
अगस्त की यूपी हेल्थ रैंकिंग में वाराणसी ने 0.81 संयुक्त स्कोर के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, एचबीएनसी विजिट, टीबी नोटिफिकेशन और गर्भवती महिलाओं की एचआईवी स्क्रीनिंग समेत कई मानकों में जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया। जुलाई की तुलना में वाराणसी के संयुक्त स्कोर में 30.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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प्रदेश स्तर से जारी हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड में अगस्त 2026 के आंकड़ों के आधार पर वाराणसी ने प्रदेश के सभी जिलों में पहला स्थान हासिल किया है। स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों के प्रदर्शन के आधार पर जिले का संयुक्त स्कोर 0.81 रहा। जुलाई की तुलना में वाराणसी के स्कोर में 30.65 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर महीने हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड जारी किया जाता है। इसमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार नियोजन, टीबी नोटिफिकेशन और एचआईवी स्क्रीनिंग समेत विभिन्न संकेतकों के आधार पर जिलों के प्रदर्शन का आकलन किया जाता है।
अगस्त के आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में चार या उससे अधिक एएनसी और हीमोग्लोबिन जांच कराने वाली गर्भवती महिलाओं का अनुपात 100 प्रतिशत रहा। संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 95.95 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं, 70 प्रतिशत सी-सेक्शन वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संकेतक 31.01 प्रतिशत रहा। 30 प्रतिशत सी-सेक्शन वाले जिला अस्पतालों का संकेतक 65.19 प्रतिशत दर्ज किया गया।
नवजात शिशुओं को एचबीएनसी विजिट की उपलब्धि 100 प्रतिशत रही, जबकि पूर्ण टीकाकरण की उपलब्धि 97.98 प्रतिशत दर्ज की गई। टीकाकरण में पेंटावैलेंट-3 एवं बीसीजी का अनुपात 1.53 रहा। स्थायी परिवार नियोजन विधि की स्वीकृति 1.21 प्रति 1000 पात्र दंपती दर्ज की गई।
जिले में टीबी नोटिफिकेशन दर 100 प्रतिशत और गर्भवती महिलाओं की एचआईवी स्क्रीनिंग भी 100 प्रतिशत रही। सीएमओ डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयासों से जिले को प्रदेश में पहला स्थान मिला है।
हेल्थ रैंकिंग में वाराणसी के बाद मुजफ्फरनगर और लखनऊ का संयुक्त स्कोर 0.73 रहा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न संकेतकों में बेहतर प्रदर्शन के साथ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।