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देश की समृद्ध विरासत और संस्कृति से रूबरू होगी नई पीढ़ी
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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्राें को किताबों के साथ ही व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जाएगा। नई पीढ़ी देश की समृद्ध विरासत, विविधता, संस्कृति, भाषा और ज्ञान से जुड़ेगी। अब तक जो भी वह किताबों में पढ़ते रहे हैं उससे रूबरू होने का मौका भी मिलेगा। छात्रों को भारत भ्रमण के जरिए एक दूसरे राज्य की संस्कृति, भाषा, इतिहास और विरासत से परिचित कराया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय की पहल पर यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को दिशानिर्देश भी जारी कर दिया है। इसके तहत विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्रों को भारत भ्रमण कराएंगे। मुहिम को एक भारत श्रेष्ठ भारत की योजना से जोड़ने का सुझाव भी दिया गया है। गौरतलब है कि इस पहल से स्कूली बच्चों को भी जोड़ने की सिफारिश की गई है। छात्रों को अब पढ़ाई के साथ देश के प्रमुख एतिहासिक और कला संस्कृति से जुड़े पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। शिक्षा और पर्यटन मंत्रालय मिलकर इसे अंतिम स्वरूप देंगे। भारत भ्रमण के लिए देश भर के सौ एतिहासिक स्थलों की सूची तैयार की गई है। मध्य प्रदेश के आठ, उत्तर प्रदेश के सात और बिहार के पांच पर्यटन स्थल शामिल हैं। सौ महत्वपूर्ण स्थलों की सूची में सारनाथ को भी शामिल किया गया है। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को पर्यटन स्थलों की सूची के साथ यह निर्देश दिया है कि वह नई शिक्षा नीति की सिफारिशों के अनुसार छात्रों के भ्रमण की कार्ययोजना तैयार करें। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि यूजीसी के दिशानिर्देशों का पालन कराया जाएगा।
पर्यटक स्थल
उत्तर प्रदेश : सारनाथ, प्रयागराज, कुशीनगर, कपिलवस्तु, झांसी, आगरा, श्रावस्ती
मध्य प्रदेश : अमरकंटक, भीमबेटका, ग्वालियर फोर्ट, खजुराहो, जबलपुर, मांडू, पचमढ़ी, सांची।
बिहार : नालंदा, बोध गया, वैशाली, राजगीर, सासाराम।
उत्तराखंड : ऋ षिकेश, मसूरी, नैनीताल।
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शिक्षा मंत्रालय की पहल पर यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को दिशानिर्देश भी जारी कर दिया है। इसके तहत विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्रों को भारत भ्रमण कराएंगे। मुहिम को एक भारत श्रेष्ठ भारत की योजना से जोड़ने का सुझाव भी दिया गया है। गौरतलब है कि इस पहल से स्कूली बच्चों को भी जोड़ने की सिफारिश की गई है। छात्रों को अब पढ़ाई के साथ देश के प्रमुख एतिहासिक और कला संस्कृति से जुड़े पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। शिक्षा और पर्यटन मंत्रालय मिलकर इसे अंतिम स्वरूप देंगे। भारत भ्रमण के लिए देश भर के सौ एतिहासिक स्थलों की सूची तैयार की गई है। मध्य प्रदेश के आठ, उत्तर प्रदेश के सात और बिहार के पांच पर्यटन स्थल शामिल हैं। सौ महत्वपूर्ण स्थलों की सूची में सारनाथ को भी शामिल किया गया है। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को पर्यटन स्थलों की सूची के साथ यह निर्देश दिया है कि वह नई शिक्षा नीति की सिफारिशों के अनुसार छात्रों के भ्रमण की कार्ययोजना तैयार करें। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि यूजीसी के दिशानिर्देशों का पालन कराया जाएगा।
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पर्यटक स्थल
उत्तर प्रदेश : सारनाथ, प्रयागराज, कुशीनगर, कपिलवस्तु, झांसी, आगरा, श्रावस्ती
मध्य प्रदेश : अमरकंटक, भीमबेटका, ग्वालियर फोर्ट, खजुराहो, जबलपुर, मांडू, पचमढ़ी, सांची।
बिहार : नालंदा, बोध गया, वैशाली, राजगीर, सासाराम।
उत्तराखंड : ऋ षिकेश, मसूरी, नैनीताल।