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जनहित से जुड़े मुद्दों पर शोध करने की जरूरत
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बीएचयू आयुर्वेद संकाय में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में शोध से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि आयुष विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलपति प्रो. एके सिंह ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर शोध कार्य करने की जरूरत है। वर्तमान में आयुर्वेद में कंपनियों की मिलीभगत से बहुत सी ऐसी दवाएं बन रही है, जिसका वास्तविक लाभ समाज को नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि शोध ऐसा हो कि जिसका जनता को लाभ मिल सके।
रिसर्च मेथडोलाजी एवं जैव सांख्यिकी विषय पर आयोजित कार्यशाला में कुलपति ने कहा कि एमडी कर रहे छात्रों के शोध का आकलन किया जाएगा और अच्छे शोध करने वाले छात्रों को आगे शोध के लिए भी प्रोत्साहित किया जायेगा। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जनरल, डॉ.पद्म सिंह ने इस तरह की कार्यशाला को छात्रों के लिए उपयोगी बताया। बीएचयू आयुर्वेद संकाय के प्रमुख प्रो. केएन द्विवेदी ने बताया कि आयुर्वेद के शोध छात्रों को रिसर्च मेथडोलाजी एवं बायोस्टेटिक्स का सही ज्ञान होने पर न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि शोध को नई दिशा भी मिलेगी। इस दौरान प्रो. जीएस तोमर, डॉ.आरएन मिश्रा, डॉ. आरती लाल चंदानी, डॉ.पद्म सिंह, प्रो. तोमर को लाइफ टाइम एचीवमेन्ट अवार्ड दिया गया। डॉ.ममता द्विवेदी, डॉ. अवनीश पांडेय को मानवता अवार्ड, प्रो. पंकज मिश्रा को सर्विस एक्सीलेंस अवार्ड दिया गया।
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रिसर्च मेथडोलाजी एवं जैव सांख्यिकी विषय पर आयोजित कार्यशाला में कुलपति ने कहा कि एमडी कर रहे छात्रों के शोध का आकलन किया जाएगा और अच्छे शोध करने वाले छात्रों को आगे शोध के लिए भी प्रोत्साहित किया जायेगा। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जनरल, डॉ.पद्म सिंह ने इस तरह की कार्यशाला को छात्रों के लिए उपयोगी बताया। बीएचयू आयुर्वेद संकाय के प्रमुख प्रो. केएन द्विवेदी ने बताया कि आयुर्वेद के शोध छात्रों को रिसर्च मेथडोलाजी एवं बायोस्टेटिक्स का सही ज्ञान होने पर न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि शोध को नई दिशा भी मिलेगी। इस दौरान प्रो. जीएस तोमर, डॉ.आरएन मिश्रा, डॉ. आरती लाल चंदानी, डॉ.पद्म सिंह, प्रो. तोमर को लाइफ टाइम एचीवमेन्ट अवार्ड दिया गया। डॉ.ममता द्विवेदी, डॉ. अवनीश पांडेय को मानवता अवार्ड, प्रो. पंकज मिश्रा को सर्विस एक्सीलेंस अवार्ड दिया गया।
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