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सुरम्य सुरधारा में बही संगीत की रसफुहार
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गंगा के सुरम्य तट पर सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने संगीत की त्रिवेणी बहाई। गायन, वादन और नृत्य की सुरम्य सुरधारा की रसफुहार में श्रोता भी भीगते रहे। शुक्रवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट पर श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के तहत भजन संध्या की छठवीं संध्या सजाई गई।
भजन संध्या की शुरूआत राहुल मुखर्जी एवं समूह के ओडिसी नृत्य की रही। ओडिसी आधारित गंगा स्तुति के साथ ही कथक और ओडिसी का फ्यूजन कलाकारों ने पेश किया। समापन राग भैरवी पर मोक्ष से हुआ। कलाकारों में संचिता घोष, अनुराधा द्विवेदी, तोषिता, कौशिकी, पलक, इशाना राय चौधरी, श्रेया मुंशी, शुभ्रा मुंशी रहे। द्वितीय प्रस्तुति पंडित सुखदेव मिश्र के वॉयलिन एवं पंडित ललित कुमार के तबले की रही। उन्होंने राग चारूकेशी और मध्य लय में जुगलबंदी की। अंतिम प्रस्तुति में मंच पर हर हर महादेव के उद्घोष के साथ पद्मश्री डॉ. सोमा घोष का भव्य स्वागत हुआ। गंगा तरंग रमणीय जटा कलापम... से आरंभ कर डॉ. सोमा ने काशी विश्वनाथ को समर्पित अनेक भजन सुनाए। उनके साथ श्रोता भी ऊं नम: शिवाय... का मंत्र जाप करते रहे। भगवान शिव के रौद्र और भव्य स्वरूप पर आधारित रचनाएं सुनाकर उन्होंने भक्ति भाव का संचार किया। हारमोनियम पर पंकज राय, तबले पर पंडित ललित कुमार, वॉयलिन पर सुखदेव मिश्र, कीबोर्ड पर संतोष ने संगत की। कलाकारों का माल्यार्पण और अंगवस्त्र अशोक कपूर एवं अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ लवकुश द्विवेदी ने प्रदान किया। संचालन अंकिता खत्री ने किया।
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भजन संध्या की शुरूआत राहुल मुखर्जी एवं समूह के ओडिसी नृत्य की रही। ओडिसी आधारित गंगा स्तुति के साथ ही कथक और ओडिसी का फ्यूजन कलाकारों ने पेश किया। समापन राग भैरवी पर मोक्ष से हुआ। कलाकारों में संचिता घोष, अनुराधा द्विवेदी, तोषिता, कौशिकी, पलक, इशाना राय चौधरी, श्रेया मुंशी, शुभ्रा मुंशी रहे। द्वितीय प्रस्तुति पंडित सुखदेव मिश्र के वॉयलिन एवं पंडित ललित कुमार के तबले की रही। उन्होंने राग चारूकेशी और मध्य लय में जुगलबंदी की। अंतिम प्रस्तुति में मंच पर हर हर महादेव के उद्घोष के साथ पद्मश्री डॉ. सोमा घोष का भव्य स्वागत हुआ। गंगा तरंग रमणीय जटा कलापम... से आरंभ कर डॉ. सोमा ने काशी विश्वनाथ को समर्पित अनेक भजन सुनाए। उनके साथ श्रोता भी ऊं नम: शिवाय... का मंत्र जाप करते रहे। भगवान शिव के रौद्र और भव्य स्वरूप पर आधारित रचनाएं सुनाकर उन्होंने भक्ति भाव का संचार किया। हारमोनियम पर पंकज राय, तबले पर पंडित ललित कुमार, वॉयलिन पर सुखदेव मिश्र, कीबोर्ड पर संतोष ने संगत की। कलाकारों का माल्यार्पण और अंगवस्त्र अशोक कपूर एवं अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ लवकुश द्विवेदी ने प्रदान किया। संचालन अंकिता खत्री ने किया।
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