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लिफ्ट खराब थी, स्ट्रेचर भी नहीं मिला तो कंधे पर बिठाकर मां को लेकर पहुंचा भरत

Sun, 14 Nov 2021 01:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Nov 2021 01:09 AM IST
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The lift was bad, even if the stretcher was not found, Bharat reached with his mother by sitting on his shoulder.
बीएचयू अस्पताल में शनिवार को जो दिखा वह विवि प्रशासन के बेहतर प्रबंधन के दावों को आईना दिखाने के लिए काफी है। यहां गाजीपुर निवासी एक बेटा बूढ़ी मां को लेकर डॉक्टर को दिखाने पहुंचा। मां चलने में असमर्थ थी। बहुत प्रयास करने के बाद स्ट्रेचर भी नहीं मिला। लिफ्ट भी खराब थी। लिहाजा बूढ़ी मां को कंधे पर लेकर बेटा भरत एक विभाग से दूसरे विभाग भागता रहा। इस दौरान अस्पताल में जगह-जगह तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ ही इधर से चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ भी आते-जाते रहे, लेकिन किसी की नजर नहीं पड़ी।
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बीएचयू अस्पताल में पहले भी किसी को बेड नहीं मिलने, किसी को ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिलने तो कभी जमीन पर लिटाकर ऑक्सीजन चढ़ाने का मामला सामने आते रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों की परेशानियों को देखने के बाद भी यहां बेहतर प्रबंधन व सुविधाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की आंखें नहीं खुलती हैं।
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गाजीपुर निवासी महिला को थी सांस की परेशानी
गाजीपुर निवासी घूना देवी को सांस लेने में तकलीफ थी। उनको लेकर बेटा भरत हृदय रोग विभाग में प्रो. ओमशंकर को दिखाने अस्पताल पहुंचा। पुरानी इमरजेंसी के पास से स्ट्रेचर लेने गया तो पता चला कि इमरजेंसी शिफ्ट होकर सुपरस्पेशियलिटी में चली गई है। कर्मचारियों से गुहार लगाई। सिक्योरिटी कंट्रोल रूम में भी गया। पर किसी ने मदद नहीं की। फिर कंधे पर मां को बिठाकर हृदय रोग विभाग गया। इसके बाद चिकित्सक ने चौथी मंजिल पर भर्ती करने की सलाह दी। लिफ्ट तक गया, लेकिन अस्पताल की लिफ्ट भी खराब मिली। इसके बाद भरत रैंप के सहारे किसी तरह कंधे पर बूढ़ी मां को लेकर चौथी मंजिल तक गया।
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बोला बेटा-मजबूरी में भी नहीं मिला किसी का साथ
मां को लेकर हांफते हांफते भरत किसी तरह चौथी मंजिल पहुंचा। बताया कि मां को दिखाने की मजबूरी थी। इस वजह से सुरक्षाकर्मियों, चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ के आगे मिन्नतें की, लेकिन किसी ने साथ नहीं दिया। कहा कि बीएचयू जैसे अस्पताल में मां को लेकर भटकना पड़ेगा, ऐसा सोचा नहीं था।

अस्पताल में व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी एमएस की होती है। मामले की जानकारी मुझे तो कहीं से नहीं मिली। इस प्रकरण पर एमएस से बातचीत कर पूरी जानकारी लेंगे।-प्रो. बीआर मित्तल, निदेशक, आईएमएस बीएचयू
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