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Varanasi News: बनारसी साड़ी के रेशम पर चढ़ी महंगाई की परत
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छह माह में हजार रुपये प्रति किलो बढ़ा रेशम का दाम
वियतनाम और चीन के रेशम से तैयार होती है बनारसी साड़ी
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बनारसी साड़ी में उपयोग होने वाले रेशम का दाम बढ़ गया है। छह माह के अंदर 800-1000 रुपये प्रति किलो दाम बढ़े हैं। चीन, वियतनाम, कर्नाटक और रूस से आने वाले रेशम से बनारसी वस्त्र और साड़ी तैयार होती है। सबसे अधिक वियतनाम से रेशम आयात होता है। वाराणसी में छह हजार करोड़ का सालाना साड़ी कारोबार है।
बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के महामंत्री राजन बहल ने बताया कि रेशम के दाम आठ सौ से एक हजार रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं। छह माह पूर्व रेशम 4000-4200 था, जो अब 5000-5200 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। जून और जुलाई बनारसी वस्त्र उद्योग के लिए मंदे साबित होते हैं। 15 अगस्त के बाद उद्योग रफ्तार पकड़ता है।
वाराणसी सिल्क ट्रेड एसोसिएशन के उपाध्यक्ष वैभव कपूर ने बताया कि चीन के रेशम का दाम 5600-5700 रुपये प्रति किलो, वियतनाम का रेशम 5200-5500 रुपये है। चीन पर ड्यूटी 17 प्रतिशत है, जबकि वियतनाम ड्यूटी फ्री है। चीन की कस्टम ड्यूटी कम हो तो रेशम के दाम में कमी आएगी।
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सेंट्रल सिल्क बोर्ड के पूर्व सदस्य और रेशमी तागा संघ के संरक्षक मोहन लाल सरावगी ने बताया कि वियतनाम का रेशम अधिक उपयोग में है। वाराणसी में विदेशी सिल्क की खपत प्रति माह 60 टन है। जबकि भारतीय सिल्क की खपत हर महीने 50 टन है। कोरोना से पूर्व सिल्क की खपत हजार से 15 सौ टन महीने की थी।
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वियतनाम और चीन के रेशम से तैयार होती है बनारसी साड़ी
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बनारसी साड़ी में उपयोग होने वाले रेशम का दाम बढ़ गया है। छह माह के अंदर 800-1000 रुपये प्रति किलो दाम बढ़े हैं। चीन, वियतनाम, कर्नाटक और रूस से आने वाले रेशम से बनारसी वस्त्र और साड़ी तैयार होती है। सबसे अधिक वियतनाम से रेशम आयात होता है। वाराणसी में छह हजार करोड़ का सालाना साड़ी कारोबार है।
बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के महामंत्री राजन बहल ने बताया कि रेशम के दाम आठ सौ से एक हजार रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं। छह माह पूर्व रेशम 4000-4200 था, जो अब 5000-5200 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। जून और जुलाई बनारसी वस्त्र उद्योग के लिए मंदे साबित होते हैं। 15 अगस्त के बाद उद्योग रफ्तार पकड़ता है।
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वाराणसी सिल्क ट्रेड एसोसिएशन के उपाध्यक्ष वैभव कपूर ने बताया कि चीन के रेशम का दाम 5600-5700 रुपये प्रति किलो, वियतनाम का रेशम 5200-5500 रुपये है। चीन पर ड्यूटी 17 प्रतिशत है, जबकि वियतनाम ड्यूटी फ्री है। चीन की कस्टम ड्यूटी कम हो तो रेशम के दाम में कमी आएगी।
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सेंट्रल सिल्क बोर्ड के पूर्व सदस्य और रेशमी तागा संघ के संरक्षक मोहन लाल सरावगी ने बताया कि वियतनाम का रेशम अधिक उपयोग में है। वाराणसी में विदेशी सिल्क की खपत प्रति माह 60 टन है। जबकि भारतीय सिल्क की खपत हर महीने 50 टन है। कोरोना से पूर्व सिल्क की खपत हजार से 15 सौ टन महीने की थी।